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आइए बच्चों को 'पॉक्सो ई-बॉक्स' पर अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करें

बच्चों को कोई गलत तरीके से छूता है, गन्दी बातें करता है और गन्दी ...

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बच्चों को कोई गलत तरीके से छूता है, गन्दी बातें करता है और गन्दी तस्वीरें दिखाता है, बावजूद इसके बच्चे अपने परिजनों से इस बात को कहने से डरते हैं, तो बच्चों से कहें कि घबराइये नहीं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग आपके साथ है। यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम आपकी मदद करें और दोषियों को पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत` सज़ा दिलाएं। इसके लिये राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा POCSO e-box बनाया गया है। इस POCSO e-box से शोषण का शिकार होने वाले बच्चे बिना किसी को बताये स्वयं ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दोषियों को सज़ा दिला सकते हैं।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एन-सी-पी-सी-आर.) के गठन का उद्देश्य प्रदेश में बाल अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करना है जो बच्चों के हित में सभी कानूनी प्रावधानों, उनके संरक्षण और विकास के लिए चलाई जा रही समस्त योजनाओं की सटीकता, सम्पूर्णता और प्रभावशीलता की निगरानी कर सके ताकि प्रदेश में बच्चों के लिए सकारात्मक और खुशहाल वातावरण निर्मित हो सके।

जानिए पोक्सो एक्ट के बारे में


पोक्सो (POCSO) एक्ट का पूरा नाम “प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल ऑफेंसेस” ये विशेष कानून सरकार ने साल 2012 में बनाया था। इस कानून के जरिए नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। यह एक्ट बच्चों को यौन उत्पीड़न (sexual harassment) यौन हमला (sexual assault) और पोर्नोग्राफी (pornography) जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। हाल ही में इस एक्ट में बदलाव किया गया है, जिसके अनुसार अगर 12 साल तक की उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है तो दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश, राज्य के नागरिकों से अपील करता है कि बच्चों को POCSO e-box के बारे में जागरूक करें और बच्चों को शोषण का शिकार होने से बचाएं। इस संदर्भ में अपने महत्वपूर्ण सुझाव/विचार हमसे साझा करें।

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#JungleRaaj 1 year 2 months ago

We are advocating establishment of child right in India and came up with idea to establish #SocialHelpGroup. A #SocialHelpGroup is a need to secure the childhood, to protect from negligence, to protect from any form of harm, abuse. The group has wider perspective, and w/o such group it is almost impossible to provide best of care & protection to the children. Such group will also involve in monitoring children near them which enables them to act proactively.
We on FB/Twitter @savechildsindia