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इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना पर नागरिकों के सुझावों का आमंत्रण

एक समय आता है जब उम्र के साथ-साथ रिश्ते-नाते भी छूटने लगते हैं, घरों ...

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एक समय आता है जब उम्र के साथ-साथ रिश्ते-नाते भी छूटने लगते हैं, घरों में बुजुर्ग उपेक्षा के शिकार होने लगते हैं और धन अर्जित न करने की असहनीय पीड़ा उन्हें ग्रसित करने लगती है। इसके साथ ही उम्र के इस पड़ाव में बीमारियां भी दामन थामने लगती हैं। इन्हीं कारणों को देखते हुए प्रदेश में भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले वृद्धों को आर्थिक सहायता प्रदाय करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित की जा रही है। योजना का क्रियान्वयन एवं संचालन म०प्र० शासन, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्‍तजन विभाग द्वारा किया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों को जीवन यापन करने हेतु सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की ओर से किया जाता है।

बता दे कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्ध इसके लिए पात्र होंगे। जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से 79 वर्ष तक आयु के हितग्राहियों को प्रतिमाह रुपये 300/- (रु. 100/- राज्यांश + रु. 200/- केन्द्रांश) की दर से पेंशन प्रदाय की जाती है और 80 वर्ष या इससे अधिक आयु के हितग्राहियों को प्रतिमाह रुपये 500/-(केन्द्रांश) की दर से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन प्रदाय की जाती है। इस योजना के तहत वर्ष 2017-18 तक 13,844,841 हितग्राहियों का लाभान्वित किया गया है।

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को वृद्धों के लिये और कैसे लाभदायी बनाया जा सकता है? आप अपने महत्वपूर्ण सुझाव और प्रतिक्रियाएं हमें भेज सकते हैं।

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Naresh verma 1 year 3 months ago

इस योजना से सम्बंधित NSAP कुछ सुझावों को अपना सकती है-

1.शासन यह सुनिष्टित करे कि योजना का लाभ वृद्धजनों को मिल रहा है या नही। भृष्ट अधिकारियों पर रोक तथा पेशन का सीधा लाभ वृद्धजनों को मिले।

2. प्रचार-प्रसार ( टेलीविज़न,सोशल मीडिया,रेडियो,बैनर आदि) के माध्यम से वृद्धजनों को इससे अवगत किया जाए।

3. योजना में प्रवेश के नियम सरल बनाये जाए क्योंकि अधिकांश लोग योजना की जटिलता को समझ नही पाते और वे वंचित रह जाते।

उपरोक्त के अतिरिक्त असहाय वृद्जनो को यह आश्वासन दिया जाए कि शासन उनके साथ है।