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आईये चर्चा करें, महात्मा गाँधी के बताये हुए रास्ते पर कैसे चलें

देश 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती ...

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देश 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती मनाने जा रहा है। आईये हम इस अवसर पर उनके बताये गए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

उन्होंने हमें सत्य, अहिंसा और स्वच्छता जैसे मंत्र दिए। उनके सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश ने आजादी प्राप्त की और आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। गांधीजी ने एक और महत्वपूर्ण मंत्र देश को दिया है, वह है स्वच्छता का।

हम सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के रास्ते को कैसे दैनंदिन प्रयोग में ला सकते हैं, इस सम्बन्ध में राज्य लोक सेवा अभिकरण आपके महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित करता है।

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

डरबन न्यायालय में यूरोपीय मजिस्ट्रेट ने उन्हें पगड़ी उतारने के लिए कहा, उन्होंने इन्कार कर दिया और न्यायालय से बाहर चले गए। कुछ दिनों के बाद प्रिटोरिया जाते समय उन्हें रेलवे के प्रथम श्रेणी के डिब्बे से बाहर फेंक दिया गया और उन्होंने स्टेशन पर ठिठुरते हुए रात बिताई। यात्रा के अगले चरण में उन्हें एक घोड़ागाड़ी के चालक से पिटना पड़ा, क्योंकि यूरोपीय यात्री को जगह देकर पायदान पर यात्रा करने से उन्होंने इन्कार कर दिया था, और अन्ततः 'सिर्फ़ यूरोपीय लोगों के लिए' सुरक्षित होटलों में उनके जाने पर रोक ल