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आईये चर्चा करें, महात्मा गाँधी के बताये हुए रास्ते पर कैसे चलें

देश 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती ...

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देश 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती मनाने जा रहा है। आईये हम इस अवसर पर उनके बताये गए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

उन्होंने हमें सत्य, अहिंसा और स्वच्छता जैसे मंत्र दिए। उनके सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश ने आजादी प्राप्त की और आज भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। गांधीजी ने एक और महत्वपूर्ण मंत्र देश को दिया है, वह है स्वच्छता का।

हम सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के रास्ते को कैसे दैनंदिन प्रयोग में ला सकते हैं, इस सम्बन्ध में राज्य लोक सेवा अभिकरण आपके महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित करता है।

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

1906 में टांसवाल सरकार ने दक्षिण अफ़्रीका की भारतीय जनता के पंजीकरण के लिए विशेष रूप से अपमानजनक अध्यादेश जारी किया। भारतीयों ने सितंबर 1906 में जोहेन्सबर्ग में गाँधी के नेतृत्व में एक विरोध जनसभा का आयोजन किया और इस अध्यादेश के उल्लंघन तथा इसके परिणामस्वरूप दंड भुगतने की शपथ ली। इस प्रकार सत्याग्रह का जन्म हुआ, जो वेदना पहुँचाने के बजाय उन्हें झेलने, विद्वेषहीन प्रतिरोध करने और बिना हिंसा के उससे लड़ने की नई तकनीक थी।