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मिशन मध्यप्रदेश नंबर-01

प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में देश के 100 ...

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प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में देश के 100 स्वच्छ शहरों में मध्यप्रदेश के 20 शहरों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। साथ ही देश के 4041 शहरों में हुई स्वच्छ प्रतिस्पर्धा में प्रथम और द्वितीय स्थान इंदौर और भोपाल ने प्राप्त किये।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत एक तरफ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ शौचालयों, सार्वजनिक-सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य प्रणाली पर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता व्यवहारों को प्रोत्साहित करने हेतु जन-समुदाय के बीच व्यवहार परिवर्तन के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सभी नागरिक स्वच्छता हेतु अपने घरों पर ही कचरे को दो डस्टबिन में रख रहे हैं; और गीले कचरे को अपने घर पर ही कंपोस्ट बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के लिए देश के शहरों के बीच प्रतियोगिता का आगाज हो चुका है। प्रदेश के 378 शहरों के नागरिक इस प्रतियोगिता में अपने शहरों को उत्तम स्थान पर लाने और शहरों की रैंकिंग बेहतर करने के लिए प्रयासरत हैं। हम अपने शहर को बेहतर कैसे बना सकते हैं? जिससे हमारा शहर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

आपके सुझाव शहरों और मध्यप्रदेश को देश में नंबर 01 पर लाने में सहयोग करेंगे। अपने महत्वपूर्ण सुझावों से इस मुहिम का हिस्सा बनें और इस अभियान को सशक्त बनाएं।

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Ashish Nayak_5 2 weeks 4 days ago

सुझाव है कि, मैंने देखा कॉलोनी की सड़क मात्र 10 फीट ही चौड़ी है, नालियां सही से नहीं बनाई गई हैं, इनमें पानी भरा रहता है, इनका ढलान भी गलत बना दिया गया है, कॉलोनी के रोड़ भी सही नहीं डाले जाते हैं, लोग कॉलोनी में अपने हिसाब से उल्टे सीधे घर, चबूतरा बना लेते हैं, कब्जा कर लेते हैं जिसको सरकार भी नही हटवा पाती है, इतनी सकरी कॉलोनी होने पर स्वच्छता की संभावना कम समय तक ही हो सकती है, स्थायी स्वच्छता हेतु कॉलोनी के रोड 25 फीट चौड़े होने चाहिए, पेड़ पोधों का स्थान होना चाहिए तभी हर स्वच्छता आएगी