You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

Anand Calendar : Let’s spot our happiness

Love, happiness, harmony and peace is the basic nature of humans. We all know that happiness is the key to healthy living but we rarely know the secret of happiness. The secret ...

See details Hide details

Love, happiness, harmony and peace is the basic nature of humans. We all know that happiness is the key to healthy living but we rarely know the secret of happiness. The secret is our inner feelings and emotions.

We often seek happiness by looking at others life and their source of happiness. We compare our lives to theirs and end up being unhappy. Happiness is simply an inside job. It comes from within and only we ourselves are responsible for our own happiness. The source of happiness need not always be an achievement or huge success. It lies in little things and small acts of kindness. Happiness can be attained by just helping someone, learning a new skill, living a passion or we can just be happy without any reason. In the race of life, we often fail to reflect on our inner happiness. We need simple reminders on how easy it is to be happy and it is happiness alone that drives life in a healthy manner.

In order to help you with this Rajya Anand Sansthan has developed an Anand Calendar. With the help of this calendar we can highlight those activities which make us happy. Actually, this calendar has been developed with the thought that we should actively practice staying happy.

This calendar is an effort to help you practice happiness activities regularly. In this Anand Calendar, they have tried to tell about how to perform pleasurable activities and practices based on different themes, how to observe them and new initiatives to practice to be happy .

You can download Anand Calendar directly from Rajya Anand Sansthan website for free. You can also download the Anand Calendar app from Google Play Store for free. In order to get a full size print of the calendar, you can visit Anand Sansthan office.

Let us use this calendar developed by the Rajya Anand Sansthan to be happy. Share your experiences and ideas with MP MyGov to make this calendar more useful.

LET’S SPREAD THE WORD OF ‘HAPPINESS’.

All Comments
Reset
16 Record(s) Found

DEVENDRA JAIN 5 months 1 week ago

मुझे यह लगता है कि आनंद मुख्य रूप से दो प्रकार की हैं एक वहारी क्षणिक आनंद और दूसरा आंतरिक आनंद,जब इच्छाएं बाहरी रूप से पूर्ण हो जाए तो बाहर ही आनंद आता है,वह क्षणिक होता है लेकिन जब कोई इच्छा ना हो आंतरिक आनंद की स्थिति बनती है,शासन ने आनंदम विभाग का नाम अध्यात्म विभाग रख दिया है,यह ठीक है विशेष रूप से दोनों में कोआर्डिनेशन होना जरूरी है,मुख्य रूप से जो शासकीय कर्मचारी या अन्य कर्मचारी और वह सभी लोग जो तनाव ग्रस्त हैं उनके लिए प्रतिदिन 15 से 20 मिनट आनंद के लिए किएटीवीटी के लिए समय होना चाहिए

ravi raj Thakur 5 months 1 week ago

सुझाव है कि स्कूल में मध्यान्ह भोजन को समाप्त किया जाना चाहिए, छात्रों की उपस्थिति महीने में 75% होने पर प्रत्येक छात्र के खाते में 33 रुपए दिन के हिसाब से 1000 रुपये प्रति माह खाते में जमा किए जाने चाहिए ताकि बह घर से या बाजार से नाश्ता या भोजन प्रतिदिन ला सके, इससे स्कूल में भी समय बरबाद नहीं होगा, सरकार का बजट भी बचेगा

Pushpraj sonkar 5 months 1 week ago

Statue of unity-proofs indian unity,unity of diversity,highest unity held our head high.it shows liberty,fraternity and equality.it is memory of indian iron man sardar Ballabh bhai Patel.

deepti thakur 5 months 2 weeks ago

Respected honourable Sir,
Anandam program is running very well in my village.I use to these anandam activity with my staff and students.It should be more expended in all district.
with regard

tejendra singh 5 months 2 weeks ago

माननीय मुख्यमंत्री जी में अपना सुझाव दे रहा हु आप मेहरबानी करके गौर कीजिये जब से ऑनलाइन प्रक्रिया हुई हे तब से हर विभाग में भ्रष्टाचारी बेहद आम हो गई हे क्योकि जो भी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती हे की उसमे फाइल कोआगे बढाने केलिए ऑनलाइन बाबु जो ऑनलाइन इनफार्मेशन कलेक्ट करता हेवो वहांसे अप्प्रूवेल करने के ऑनलाइन वालो से एक्स्ट्रा चार्जकरता हेऔर जो चार्ज नही करता हे उसकी फाइल लेट करदेते हे जिससेजो इमानदार ऑनलाइन वालारहता हेउसे भीचार्ज देकर फाइल आगे बढाने के लिए बाबु को पेसे देना पड़ते हे

kayamuddin sheikh 5 months 2 weeks ago

माननीय मुख्यमंत्री जी में अपना सुझाव दे रहा हु आप मेहरबानी करके गौर कीजिये जब से ऑनलाइन प्रक्रिया हुई हे तब से हर विभाग में भ्रष्टाचारी बेहद आम हो गई हे क्योकि जो भी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाती हे की उसमे फाइल कोआगे बढाने केलिए ऑनलाइन बाबु जो ऑनलाइन इनफार्मेशन कलेक्ट करता हेवो वहांसे अप्प्रूवेल करने के ऑनलाइन वालो से एक्स्ट्रा चार्जकरता हेऔर जो चार्ज नही करता हे उसकी फाइल लेट करदेते हे जिससेजो इमानदार ऑनलाइन वालारहता हेउसे भीचार्ज देकर फाइल आगे बढाने के लिए बाबु को पेसे देना पड़ते हे

Ashish Nayak_5 5 months 3 weeks ago

सुझाव है कि स्कूल में मध्यान्ह भोजन को समाप्त किया जाना चाहिए, छात्रों की उपस्थिति महीने में 75% होने पर प्रत्येक छात्र के खाते में 33 रुपए दिन के हिसाब से 1000 रुपये प्रति माह खाते में जमा किए जाने चाहिए ताकि बह घर से या बाजार से नाश्ता या भोजन प्रतिदिन ला सके, इससे स्कूल में भी समय बरबाद नहीं होगा, सरकार का बजट भी बचेगा

Ashish Nayak_5 5 months 3 weeks ago

सुझाव है कि सभी सरकारी कार्यालयों में सिर्फ शासकीय कर्मचारियों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए. प्राइवेट ऑपरेटरों को नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए. ये किसी कार्य के लिए उत्तरदायी नहीं है, भ्रष्टाचार भी कम होगा, शासकीय कर्मचारी को ही अपना कार्य करना चाहिए, शासकीय कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाना चाहिए, कार्यालय में हर पद का कर्मचारी नियुक्त होना चाहिए, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सभी भर्तियां ऑनलाइन एक्जाम से होनी चाहिए.