You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

Get Involved! How to eliminate child marriage?

When it was time for them to play, learn and study, ...

See details Hide details

When it was time for them to play, learn and study,
They were handling their own children and family.
Because they were “CHILDLY MARRIED”.

At a time when children are expected to live a carefree life, they are being pushed to abandon their childhood and take up responsibilities they are unaware and unrequired of.

Forced marriages involving an individual under the age of 18 are most commonly called child marriages.

Incidents of child marriage have been shown to increase, making children subject to trauma which endangers their physical, mental and emotional development.

It spreads the cycles of poverty, poor health, illiteracy, and domestic violence that have negative impacts on overall development, prosperity, and stability of the country.

Child marriage should have no place in the present and future. Children around the world deserve to live a fulfilling childhood, go to school, be free of the violence and negative consequences associated with child marriage, and have the right to choose whom they want to marry as adults.

Women and Child Development Department, Madhya Pradesh urges you to think of ways to eliminate child marriage. Ending child marriage is the right thing to do. Tell us about some campaigning ideas, educational drives and effective tools that can be implemented to end this social evil from the roots.

Your views will help to voice this issue and help to colour the lives of innumerable children.

All Comments
Reset
43 Record(s) Found

lakshmi solanki 9 months 3 weeks ago

बाल विवाह एक ऐसा अपराध है जिससे ना जाने कितनी लड़कियों के भविष्य सपने उम्मीद नष्ट हो जाते हैं शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम जिससे हम ऐसी कुरीतियों को रोक सकते हैं।

Devendra singh raje 9 months 3 weeks ago

Sb se phele apne bccho ko pdane ke prerit krna chaiyeor hme pta hai ki jo grib gghar ke bchhe hote h bo pdne me asmrt rhete h or bo nhi kisi srkasri ya pribet job krne ka kACbil rhe pate h is ka bs yehi ka kard h ki gribi or aMNe pt Hai ki bhart me itni berohgari h ki hr ku kou aam aadmi apni jibn bhar ka paln posad shi thik se hi nhi kr pata h hi or sbse jada gari mp.up.bihar me h or isi ke chalt abi hai hi me Pni jindgi se gujraj jile me apni jindgi se hat dhone pde hoto isi ke chale beti ka

balram 9 months 3 weeks ago

baalvivah ko rokne ya khatam karne ke liye hame chahiye ki ham yuvao ko jagrook kare school ke students ko jagruk kare....

eske liye hame chahiye ki gaav jakar camp lagaye tatha gaav ke logo ko jaagruk kare kyuki adhik tar gaavo me hi baalviwah hota hai

or school me teachesrs ko bataye ki we students ko jayada se jyada baalvivah ke baare me samjhaye

isse hone wale nuksaano ko bataye aadi
ye kaam ham sabko karna padega or Goverment ko bhi iske baare me kadam uthane padenge

Anil kumar 9 months 3 weeks ago

अगर मां बाप जागरूक हो जाएंगे तो इस देश में कभी बाल विवाह जैसी प्रथा आगे बढ़ने नहीं पायेगी , मेरा सभी लोगो से निवेदन है कि अगर वे कही भी इस कुप्रथा को देखते है तो उसका विरोध करे और बच्चो के मां बाप को समझाने की कोशिश करें सरकार बाल विवाह पर ओर ठोस कदम उठाyeबाल विवाह रोकने के लिए सबसे पहले जागरूक होना जरूरी है ,जितने भी ग्रामीण इलाके है वहां पर सभी को जागरूक करना बाल विवाह के दुष्परिणामों को बताना जरूरी है कि कैसे वे अपनी ही औलाद को नरक में भेज रहे है , अगर मां बाप जागरूक हो जाएंगे तो इस देश मे ।

savita prathmesh 10 months 4 hours ago

तत्कालीन समाज में प्रतिष्ठित और शिक्षित वर्गों द्वारा भी इसे सहजता से अपनाया गया इसलिए भी इसे प्रतिष्ठा और मान्यता मिली.जो समयानुसार दृढ़ से दृढ़तर होती गई.
चूंकि यह एक सामाजिक समस्या है इसलिए कानून बनने के बाद भी इसे हटाया नहीं जा सका.इसलिए इसका हल समाज में से ही आना चाहिए. इसके लिए शिक्षा महत्वपूर्ण हथियार है. शासन को ऐसे समूह तैयार करने चाहिए जो लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराएं

anand kumar 10 months 8 hours ago

बालविवाह को रोकने के लिए सबसे पहले शिक्षित होना चाहिए इसके लिए पर्याप्त मात्र मे शिक्षकों की सख्यां होना चाहिए जिससे बह पूर्णरूप से सभी बच्चो को शिक्षा दे सके जिससे समाज मे व्याप्त बुराईयो को दूर किया जा सकता है । शिक्षा के साथ व्यक्तिगत शिक्षा पर भी ज़ोर देना चहिए ।बच्चो के साथ साथ परिवार के सभी लोगो को जागरूक करना होगा ।
समाज सेवाकरने वालो को पुरूस्कार भी दीये जाना चहिए जिससे लोगो मे बुराई को रोकने के प्रति जागरूक हो सके ।
धन्यवाद
जय हिंद जय भारत

rajesh patel 10 months 1 day ago

समाज में शिक्षा सबसे सर्वोपरि होती है बाल बिबाह के लिए हमें लोगों को शिक्षित करना पड़ेगा शिक्षा के कारण इसको समझा जा सकता है। लोगों में शोषण की बुद्धि को भी परिवर्तन करके उनकी मानसिकता होती है कि छोटी उम्र में शादी करके सुरक्षित होते हैं मां बाप जहां पर शिक्षा होती है वहां पर बच्चियां 10 और 12 क्लास तक पड़ सकती है जिससे 18 की उम्र प्राप्त कर लेते हैं लेकिन शिक्षा नहीं होने कारण लोग उनकी शादी कर देते हैं एवं शिक्षा के माध्यम से हम समाज को समझा सकते हैं।शिक्षा प्रणाली में सुधार करना पड़ेगा।