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Inviting Citizens to give their suggestions for flood protection measures

Start Date: 17-07-2020
End Date: 31-10-2020

The State Disaster Emergency Response Force (SDERF), Bhopal, Madhya Pradesh in collaboration with MP MyGov urges the citizens to share their views on flood safety measures; so ...

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The State Disaster Emergency Response Force (SDERF), Bhopal, Madhya Pradesh in collaboration with MP MyGov urges the citizens to share their views on flood safety measures; so that flood protection measures can be made better and safer in the state.

We know that natural calamities like floods can happen at any time and these disasters are sometimes so frightening and huge that it becomes impossible to stop. But small precautionary measures in such disasters can help us to a great extent in protecting ourselves. For example-

During Flood...
✦ Do not panic and inform about the waterlogging on emergency toll-free number 100, 1079, 108.
✦ Stay at a safe distance from the river banks.
✦ Take special care of children, women and the elderly.
✦ Do not cross the bridge if there is water and avoid unnecessary commute.
✦ Do not take selfies near culvert /tunnel/ rock.
✦ Do not go for a picnic in places where there is a high velocity of water.
✦ Residents of rural areas should not go to far distances to graze cattle during the rains.
✦ Rural people must keep emergency items like air filled tubes, ropes, torches, bamboo, whistles etc. in their homes.

The State Disaster Emergency Response Force (SDERF), Madhya Pradesh is continuously working towards preventing disasters, ensuring the safety of people at the time of disaster and towards improving the security measures in the state.

The State Disaster Emergency Response Force, Madhya Pradesh invites your suggestions for public awareness on precautionary and protective measures during a disaster like a flood.

Share your suggestions on-
1. What protective measures should be taken to prevent possible disasters (floods)?
2. How can citizens cooperate in rescue work during floods?

Read the protective measures in times of floods in detail

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165 Record(s) Found
440

Pankaj Pandey 3 months 3 weeks ago

मुझे लगता है बाद जेसे हालत तभी बनते हैं जब धरती से पनि को अधिक सोखने की छमता नही होती टीबी और भी कई कारण जेसे वॉटर लेवेल ऊपर चला जाना बादल फटना जेसी घटनाएँ ....हम इन हालातो से तभी बचे जा सकता हैं जब
1। हमारा सिवेज सिस्टम बेहतर हो
2। प्रशान को राइट तो इन्फॉर्म करना जरूरी आम जनता को
3। वॉटर रिज़र्वेशन की भी कई तकनीक हैं जेसे कई विदेशो में हैं सिस्टम
4। हर आपदा में सभी को साइयम लेने की ज़रूरत

तो ये मेरे कुछ सुझाव धन्यवाद । ।

1180

Rishikesh Sanjay Thakre 3 months 3 weeks ago

बाढ़_
ढ़ के मामले में भारत विश्व का दूसरा प्रभावित देश है। बाढ़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोई निश्चित भूभाग अस्थायी रूप से जलमग्न हो जाता है और इस वजह से वहां का जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। बाढ़ आमतौर पर अचानक नहीं आती है, यह कुछ विशेष क्षेत्रों और वर्षा ऋतु में ही आती है। बाढ़ तब आती है जब नदी जल-वाहिकाओं में इनकी क्षमता से अधिक जल बहाव होता है और जल, बाढ़ के रूप में मैदान के निचले हिस्सों में भर जाता है। मानवीय क्रियाकलापों जैसे अंधाधुंध वनों की कटाई, प्राकृतिक अपवाह तंत्रों का अवरु

1180

Rishikesh Sanjay Thakre 3 months 3 weeks ago

बाढ़_
ढ़ के मामले में भारत विश्व का दूसरा प्रभावित देश है। बाढ़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोई निश्चित भूभाग अस्थायी रूप से जलमग्न हो जाता है और इस वजह से वहां का जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। बाढ़ आमतौर पर अचानक नहीं आती है, यह कुछ विशेष क्षेत्रों और वर्षा ऋतु में ही आती है। बाढ़ तब आती है जब नदी जल-वाहिकाओं में इनकी क्षमता से अधिक जल बहाव होता है और जल, बाढ़ के रूप में मैदान के निचले हिस्सों में भर जाता है। मानवीय क्रियाकलापों जैसे अंधाधुंध वनों की कटाई, प्राकृतिक अपवाह तंत्रों का अवरु

56310

Dr Usha Shukla 3 months 3 weeks ago

कभी वर्तमान पीढ़ी ने सोचा है ....?
हम जैसे तैसे जी लेंगे,
संभवतः हमारे बच्चे भी ऐसी आपदाओं से जूझते,घिसटते ज़िंदगी काट लें।
उसके बाद.......?
धीरे धीरे मानव जाति पर फुल स्टॉप!
अधिक से अधिक दो तीन पीढ़ियों बाद !!
और वे भी रोगग्रस्त, क्षतिग्रस्त मानव संतानें!!!
धरती को सांस तो लेने दो भाई !
अन्यथा.....
अभी तो मास्क में तड़फड़ा रहे हो!
तब.... क्या होगा?
राम जाने ।

56310

Dr Usha Shukla 3 months 3 weeks ago

निर्माण अथवा विनाश?...... सोचें एकबारगी
करोना की तलवार लटक रही है,हर जान सांसत में है।हल्का सा बुखार, जरा सी खांसी- दहशत दे रही है-कहीं ये वो तो नहीं?
थोड़े या बहुत पढ़े लिखे, शासन और प्रशासन इस बात का अहसास तो सभी को है कि वायु प्रदूषण, और अस्वच्छता कहीं न कहीं कारण तो है इस सबका।
तो फिर....? संस्कारधानी में एक साथ साढ़े छै सौ पेड़ों का कत्लेआम !
क्या कोई बीच का रास्ता नहीं?
क्या किसी कदर कम से समझौता नहीं?
सरकार उन निर्माण् कार्यो कॊ रॊकॆ जहा पॆड काटनॆ पडॆ

370

narendra 3 months 3 weeks ago

वैसे हम बाढ़ को रोक नहीं सकते है लेकिन बाढ़ वाले क्षेत्र को हम बाढ़ से बचाव करने योग्य संसाधन उपलब्ध करवा सकते है, वो संसाधन हमेशा उनके पास रहे और बढ़ के समय वो अपना बचाव कर सकते है. - www.bunchofhindi.com द्वारा

60560

Nasim Kutchi 3 months 4 weeks ago

Madhya Pradesh is a place which is in the heart of every one evergreen in the field of forest, so we should think big and better for this state so that people of this place can live there life in there own freedom with out any afraid of flood and calamities. life has no back space so we should care about them and build a better and big dam so that all the water can be reserved in higher quantity and later on water purification facilities should be brought up and water supplyto villagers process