You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

A Knit Before Dying, ‘Save Handlooms’

The weaving industry of Madhya Pradesh has been one of the most promising sectors with huge employment potential, second only to agriculture. Weaving is a seasonal activity in the ...

See details Hide details

The weaving industry of Madhya Pradesh has been one of the most promising sectors with huge employment potential, second only to agriculture. Weaving is a seasonal activity in the state. The number of handloom weavers in Madhya Pradesh has fallen from 60,000 to around 20,000 in over 20 years.

In today's mechanical era, the growth of power loom imitations has led to the downfall of the handlooms sector.
Is weaving becoming a lost art in our state?

The Directorate of Handlooms and Handicrafts, Government of Madhya Pradesh invites citizens to give their valuable suggestions on how to preserve this cultural heritage and improve the conditions of weavers in the state.

Let’s Knit Again!

All Comments
Reset
17 Record(s) Found
500

AMIT DEEWAN 1 year 10 months ago

हथकरघा को बढ़ाने के लिये स्‍व-सहायता समूहों को इससे जोड़ा जाये, उन्‍हें प्रशिक्षण देकर यह कला बढ़ाई जाये। ग्रामीण तथा छोटे शहरों में लोकप्रिय बनाने के लिये विभाग रिटेल स्‍टोर खोले एवं हथकरघा के बने वस्‍त्रों की प्रदर्शनी सभी जगह आयोजित हो तथा इनके बने कपड़ो की ब्रांडिंग के लिये अलग से स्‍टेट बोर्ड बने तथा सरकार सभी बने वस्‍त्र को कर मुक्‍त करे। [अमित दीवान, आ. एस.के. दीवान, उम्र 36, पता S-104/C मंदाकिनी, साक्षी रिसोर्ट, कोलार रोड, भोपाल (म.प्र.) मो. 9425467622]

2300

RAKESH AHIRWAR 1 year 10 months ago

जिला पंचायत स्तर पर आयोग का गठन करके जिला स्तर पर प्रशिक्षण पंचायत को ग्राम में निवास करने वाले खेतहर मजदूरों को कार्य में कुशलता प्रदान करे जिससे की जो अब जीवन यापन करने में सक्षम नहीं हैं वह अपना जीवन को सुगमता से गुजर सके, अगर आप इस तरह का कार्य करना चाहते है तो आप ईमेल या फोन नो से संपर्क कर सकते हैं मैं इसके लिए बेहतर प्लान बना सकता हू, यह काम बस जीवन स्तर और मानवीय सुधार के लिए कर सकता हू न की किसी स्वार्थ के लिए..... धन्यवाद

100

AARIF KHAN 1 year 11 months ago

MADHYA PRADESH SARKAR KO ISKE LIYE HATKARGHA BUNAI KALA ABHIYAN CHALA KAR USPE HAR KISI NAGRIK KO JAGRUK KARA KAR AVASYAK NIRDESH DIYE JAYE AVAM KARYAKRAM KE PRATI JAGRUK KARAYE

17680

Vinod Vaishnav 1 year 11 months ago

मध्यप्रदेश सरकार को इसके लिए हाथकरघा बुनाई कला अभियान नामक एक कार्यक्रम चलाना चाहिए, जिससे हर कोई नागरिक इस सांस्कृतिक धरोहर का महत्व समझ सके।

1200

Abhishek kurmi 1 year 11 months ago

Aaj kl bare bare kapra udhogo se kpro ke aapurti ke ja rahi hai jo aadhik manghi hai.
Hastkergha udhogo ko baraba dane ke liye prateyk panchyat mai ek hastkergha udhoge lagana chahia.
Jisse kai berojgar logo ko rojgar prapt hoga avam hastkergha udhoge ko barava milaga

13020

VIJAY KUMAR VISHWAKARMA 1 year 11 months ago

स्कूली बच्चो को नि:शुल्क गणवेश की राशि प्रदान करने की बजाए उन्हें हथकरघा के कपड़े प्रदान किये जाएं तो गांव गांव में नये हथकरघा खुल सकेंगे एवं महिला समूहों के माध्यम से गणवेश सिलाई पर बच्चों को समय पर ड्रेस मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आय प्राप्त होगी ।

200

satendra kumar 1 year 11 months ago

एवम उत्पादन कराये

* हथकरघा विभाग में कई सालो से टेक्निकल भर्ती नहीं हुई है जिससे कई पड़े लिखे लोग
संभंधित डिप्लोमा करे आदमी आज बेरोजगार है और ४ से ५ हजार की नौकरी करने के
लिए मजबूर है तो हथकरघा तो अधर में जायेगा ही

हमें इन बिंदुओं पर कार्य करना होगा तभी पुराना स्वरुप बापस आ सकता है ये मेरा एक प्रयास है हथकरघा को फिर से लोगो के सामने लाने का

200

satendra kumar 1 year 11 months ago

* सर्वप्रथम नए लोगो को इस और आकर्षित करना होगा और मेह्गाई के हिसाब से दरों को
बढ़ाना चाहिए आज बुनकर को दैनिक मजदूरी ५०० रुपया मिलना चाहिए
* सरकारी विभागों में लगने बाले कपडा एवम पुलिस बर्दी को हथकरघा पर उत्पादित करा ना
चाहिए
* हथकरघा पर उत्पादन का कार्य जिला हथकरघा कार्यालो को देना चाहिए जो स्वम धागा
बुनकर को विक्रय करे एवम कपडा जमा करे

200

satendra kumar 1 year 11 months ago

६. अब मप्र राज्य बुनकर सहकारी संघ मर्यादित को भी बंद किया जा रहा है

७. अब आप ही बताये जो इससे सम्बंधित निगम या संघ जिन्हे बंद करते जा रहे है तो
हथकरघा तो अधर और गुमनामी में खो जायेंगे और जो बचे हथकरघा बो भी एक दिन
बंद हो जायेंगे
७. अगर हथकरघा को दुबारा से पुराने स्वरूप में लाना चाहते है तो सरकार को निम्न बिंदुओं
पर ध्यान देना होगा