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Lok Sewa Gurantee Act 2010

Start Date: 15-09-2017
End Date: 01-01-2018

In the year 2010 the GoMP has enacted a major decision to ensure good governance in the state. For the convenience of citizens, the government came with a unique solution called ...

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In the year 2010 the GoMP has enacted a major decision to ensure good governance in the state. For the convenience of citizens, the government came with a unique solution called The Lok Seva Guarantee Act-2010. Through this act the state government guaranties its citizens for timely delivery of notified services through techno-savvy and accountable system.

The Lok Sewa Gurantee Act 2010 has contributed to reducing citizens’ transaction costs, speeding up service delivery and improving accountability of officials. The Act triggered reforms including mandatory issuance of receipts for applications, on line applications through computerization, clearer eligibility criteria, and an adherence to timelines for providing services. Preliminary assessments, suggest that these reforms have created simpler, more efficient and more accountable government processes. LSKs have made it possible for citizens to receive services in a ‘single Window’, reduced dependence on “middle men” and eliminated the need for direct interface with government officials, resulting in unbiased treatment of applications.

(To view the detailed Act and the list of notified services please click on the given link http://www.mpedistrict.gov.in)

(http://www.mpedistrict.gov.in/UI/document/LSGNotified_302Services.pdf)

You are requested to share your suggestions on the services which you think should be under the preview of the Public Service Guarantee Act. Based on your suggestions, a process will be initiated to bring these services under the purview of this law.

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53 Record(s) Found
240

krishna kumar 4 years 4 months ago

sir,
Jab land ki registry hoti h uske bad mutation ke liye & other work ke liye patwari ka chakkar lagana padta h aur paisr diye ye log kam v nhi karte h.
kyu na ise online byawastha kiya jaye ki other work v online ho jaye jisse patwari ka

200

Sunaina Gautam 4 years 5 months ago

sir ji
लोक सेवा संबन्धित जितनी सेवा चालू हैं उनका टाइम लिमिट बहुत ज्यादा हैं साथ ही आवेदक इतना इंतजार नहीं कर रहा हैं तथा आवेदक का मनसा हैं की मे आवेदन करू ओर मुझे बार-बार लोक सेवा केंद्र न आने पड़े ओर मुझे तुरंत का तुरंत संबन्धित सेवा का हार्डकापी मिल जाये।
लोक सेवा मे एक ओर समस्या आ रहा ह की आवेदन नहीं आ रहे हैं कारण यही हैं की आवेदक इंतजार नहीं कर सकता ओर पदाविहित अधिकारी के ऑफिस मे ऑफलाइन दर्ज करके तुरंत का तुरंत आवेदक को हार्डकोपी दे दिया जाता हैं।
अतः मेरा निवेदन हैं की इस तरह की कामो

200

Kamlesh hihor 4 years 5 months ago

सर जी एक निवेदन था कि लोक सेवा केन्‍द्र में स्‍थाई रूप से भर्ती होगी क्‍या

200

ANSHU KACHHI 4 years 5 months ago

सर मैं आपसे अनुरोध करता हूॅ कि लोन लेने के लिये बैकाें के चक्‍कर कॉटना पड़ता है और लोन पास भी हो जाए तो पैसो की मांग की जाती है मेरा यह कहना है कि सभी विभागों को निर्देश देते हुये जैसे जन शिकायत पेटी लगी हुई है वैसे ही सभी विभागों सूचना पटल पर लोकायुक्‍त के नाम नम्‍बर सहित बोर्ड लगाना चाहिये जिससे अधिकारियों कर्मचारियों मे एक दहशत तो बनी रहेगी ।

1940

devendra singh chouhan 4 years 5 months ago

मुख्यमंत्री शिकायत में कई शिकायत कर चूका हूँ न अदालतों के आदेशों के पश्चात भी राजस्वा अधिकारी और police बिभाग द्वारा प्रतिवादियों की हई सहायता की गयी और उनको सदेव संरक्षण प्रदान किया गया जिसके कारन व्यर्थ में परेशानी हुए ५०३७७४३, ५०३७६७९, ८७२३०६, ८०११४३, २९८७१७७, ३४७०७३२, ३४७०७७४, ३४७०८२२, ३८११९६, ३०१९७३८, ३११३४५७,३२३००९, ११६९७०७, १११८७६८, ४६४४९६५, ३४९७६८५, ३५९९५०५, ३५९०६२३, ४५२८५२९, ३४९७७५४,३४९७७५४, ३४७०७३२, कृपया समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए .

1940

devendra singh chouhan 4 years 5 months ago

हमारे देश में कहा तो यह जाता है कि कानून का राज है। लेकिन अदालतें केवल आदेश और निर्णय करती हैं। उन की पालना पुलिस और सामान्य प्रशासन द्वारा ही संभव है। यदि पुलिस और सामान्य प्रशासन न्यायालयों के आदेशों का पालन न करें तो किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी संपत्ति बचाना दुष्कर हो जाता है। देश में सामान्य प्रशासन और पुलिस दोनों ही पूंजीपतियों व्यापारियों और जमींदारों के पक्ष में काम करते हैं। संविधान और कानून प्रदत्त अधिकार इन के सामने निरीह साबित होते हैं।

1940

devendra singh chouhan 4 years 5 months ago

हमारे देश में कहा तो यह जाता है कि कानून का राज है। लेकिन अदालतें केवल आदेश और निर्णय करती हैं। उन की पालना पुलिस और सामान्य प्रशासन द्वारा ही संभव है। यदि पुलिस और सामान्य प्रशासन न्यायालयों के आदेशों का पालन न करें तो किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी संपत्ति बचाना दुष्कर हो जाता है। देश में सामान्य प्रशासन और पुलिस दोनों ही पूंजीपतियों व्यापारियों और जमींदारों के पक्ष में काम करते हैं। संविधान और कानून प्रदत्त अधिकार इन के सामने निरीह साबित होते हैं।

300

Rahul Soni 4 years 6 months ago

महोदय सविनय निवेदन है कि प्रदेश में चल रहे सभी समाधान केंद्रों में आज की आवश्यकता के सभी प्रमाण पत्र उदाहरण के लिए आय जाति और मूल निवासी इन तीनों प्रमाण पत्रों में आवश्यक दस्तावेजों में प्रत्येक व्यक्ति से सन 1984 में मध्य प्रदेश में निवास करने का रिकॉर्ड मांगा जाता है महोदय आप यह बताइए कि अगर कोई 5 साल पहले मध्य प्रदेश में निवास करने आए तो क्या उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बनना चाहिए महोदय से निवेदन है कि कम से कम कागजी कार्यवाही करके आम जनता की समस्या का निदान करने की कृपा करें
Rahul soni