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Mission for a Green India : Consolidating green spaces!

Imagine : A girl asks for colours to paint a picture, her mother gives her all the colours except green. Alarmed ?? ...

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Imagine : A girl asks for colours to paint a picture, her mother gives her all the colours except green. Alarmed ??

Now Stop and Ponder: Are we leaving enough greenery for our future generations to live in a sustainable environment?

Madhya Pradesh is predominantly an agrarian economy with more than 30 percent of are under forest cover, richly endowed with wildlife having 10 national parks and 25 wildlife sanctuaries. In order to achieve sustainability of the environment, the green covers need to be enhanced.

Mission for a Green India is part of National Action Plan on Climate Change (NAPCC) which aims to protect, restore and enhance India’s forest cover. It envisages a holistic view of greening and focuses on multiple ecosystem services; especially biodiversity, water, biomass, preserving mangroves, wetlands, critical habitats along with decarbonization as a co-benefit. The country's effort under the scheme is to develop 5 million-hectare forests and restore the intensive and extinct forests in 50 lakh hectare area as well as provide employment to 30 lakh families dependent on forests. At the same time, it is proposed to reduce the factors of climate change by adopting 2.5 billion to 3 million tonnes of carbon sequestration.

Few benefits of this initiative are as follows:

● Expansion of forest areas will lead to the employment of communities living near the forest areas
● The expansion of the forest area will be beneficial for crops directly and indirectly in multiple ways
● Through the expansion of forest areas, carbon reserves of forests will increase, which would lead to the achievement of goals of NAPCC
● Prevention of soil erosion

Forest Department, Government of Madhya Pradesh, India is inviting your suggestions as how to increase greenery of Madhya Pradesh. How can we be a part of it and contribute towards a greener planet? Do you have any thought process for this cause? Suggest eco-friendly activities and share your ideas that can be implemented for creating a healthy and green environment.

Remember: contributing to Green India Mission is no more an option but a necessity.
“Vriksh hain to hum hain”

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112 Record(s) Found
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AMAN SINGH 11 months 3 weeks ago

केवल एक हाथ से रोटी नही बनायी जा सकती है अगर हम सभी समझे जिस घर को साफ करने एवं परिवार को सुरक्षित करने के लिए मेहनत करते है ठिक उसी तरह हमे अपने पर्यावरण को सूरक्षित करना साफ करना होगा तभी तो हम सभी खुशी से अपने पर्यावरण में रह सकते है
हम सब को साफ करने कि जरूरत नहीं होगीं यादि हम सब गंदगी करना बदं कर दे तो.....

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smitakanesh 11 months 3 weeks ago

समझना हम सभी को केवल एक हाथ से रोटी नही बनायी जा सकती है अगर हम सभी समझे जिस घर को साफ करने एवं परिवार को सुरक्षित करने के लिए मेहनत करते है ठिक उसी तरह हमे अपने पर्यावरण को सूरक्षित करना साफ करना होगा तभी तो हम सभी खुशी से अपने पर्यावरण में रह सकते है हर रोज वतावरण बदल रहा है दोष देने के बजाय कोशिश करना होगा समझना होगा समझाना होगा

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Akshay kumar chaturvedi 11 months 3 weeks ago

सादर आमंत्रित हैं,अपने घर से ही शुरुआत करें और इसका हिस्सा बनें

प्रिय विशाल श्रीवास्तव जी शायद आप मामाजी को ज्यादा ही देखते हैं (खरबूजा, खरबूजा को देखकर रंग बदलता है) मैंने गाँव के युवा की बात की है उसमे सभी शामिल हैं मैंने जाति से सम्बंधित कोई बात ही नहीं की.

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Akshay kumar chaturvedi 11 months 3 weeks ago

मैं भी जाति का ब्राह्मण हूँ मैं और मेरे बाकी भाई भी प्रिय मामाजी का दंश झेल रहे हैं.

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Akshay kumar chaturvedi 11 months 3 weeks ago

प्रिय विशाल श्रीवास्तव जी आपने कब, क्यों, कैसे और क्या मुख्यमंत्री जी को लिखा है मुझे पता नहीं क्योंकि तब आप ने मुझे बताया नहीं था लेकिन मैं अपनी बात रख रहा हूँ .जो की मुझे मिलना चाहिए.

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vishal shrivastava 11 months 3 weeks ago

आदरणीय वन संरक्षक जी कृपा कर हम सामान्य नागरिकों को भी जीव संरक्षण वृक्षारोपण आदि कार्यों में सम्मलित करने का कष्ट करें

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vishal shrivastava 11 months 3 weeks ago

अक्षय कुमार चतुर्वेदी जी जो आप बोल रहे हो और इसके साथ ओर भी बहुत में माननीय प्रधानमंत्री जी जी को पत्र लिख चुका हूं तीन वर्ष पूर्व और अब तो सम्पूर्ण विश्व मे हमारे माननीय प्रधानमंत्री के बुद्धि कौशल से परिचित है तो हो सकता है वो हमारे बोलने से पहले ये तैयारी कर चुके होंगे और बस अब होने वाला ही हो क्या पता,
ये देश बुद्धिजीवियों का देश है भाई एक से बढ़कर एक,