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5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु की रोकथाम हेतु विशेष रणनीति

Start Date: 18-12-2017
End Date: 01-02-2018

प्रदेश में बाल मृत्युदर के प्रमुख कारणों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं ...

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प्रदेश में बाल मृत्युदर के प्रमुख कारणों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की सामुदायिक विस्तार हेतु दस्तक अभियान की शुरूआत की गई है। यह स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग की समन्वित रणनीति है। जिसमें लक्षित 5 वर्ष से छोटे बच्चों वाले परिवारों के घर पर आशा, एन.एन.एम. व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त दल द्वारा दस्तक दी जायेगी।

अभियान के दौरान गंभीर कुपोषण, एनीमिया, दस्त एवं निमोनिया से ग्रस्त प्रदेश के लगभग 1 करोड़, 5 वर्षीय बच्चों की सक्रिय पहचान की जायेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 68.9 प्रतिशत बच्चे एनीमिक एवं 9.2 प्रतिशत बच्चे गंभीर कुपोषित हैं। दस्तक अभियान के दूसरे चरण का आयोजन 18 दिसंबर, 2017 से 18 जनवरी 2018 के बीच किया जाएगा।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश, नागरिकों से दस्तक अभियान को बेहतर बनाने, रणनीति बनाने, लोगों को जागरूक करने, और वॉलेंटियरों को प्रोत्साहित करने के संबंध में आपके सुझाव/विचार आमंत्रित करता है। आप अपने सुझाव/विचार नीचे कमेन्ट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं, “स्वस्थ मध्यप्रदेश” बनाने के इस अभियान में भागीदार बनें।

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SATYANARAYAN GEHLOT_1 2 years 8 months ago

माननीय महोदय
आंगनवाड़ी के सदस्य दस्तक अभियान पर घर घर आते हैं चुपचाप दरवाजे पर लिख कर जाते हैं ऐसे में किसी से कुछ कहेंगे नहीं ग्रामीणों को समझाएंगे नहीं तो मतलब क्या है उस दस्तक अभियान का

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badam singh kushwah 2 years 8 months ago

माननीय CM JEE सादर नमस्ते
सर आगनवाड़ी में PG का भी नम्बर मिलना चाहिए कंप्यूटर डिप्लोमा का भी / सर BPL APL प्रदेश में बहुत से GOVT सर्विस करने वाले लोगो का BPL APL में आज भी जुड़ा है एवं बहुत से लोगो की शादी तक नही हुई है पर bpl कार्ड बना है श्रीमान जी क्या होगा प्रदेश का बहुत से शॉप केपर जिनके पास 4 वील गाड़ी या है फ्लैट है फिर भी गरीब है क्या होगा आपके द्वारा चलाई जा रही योजना जरूरत मंद को नही मिल पा रही है अगर आपके द्वारा bpl apl card ke ईमानदार अफसर से जांच कराई जाए तो बहुत अच्छा होगा

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Vijay Pandey 2 years 8 months ago

माननीय CM JEE सादर नमस्ते
सर आगनवाड़ी में PG का भी नम्बर मिलना चाहिए कंप्यूटर डिप्लोमा का भी / सर BPL APL प्रदेश में बहुत से GOVT सर्विस करने वाले लोगो का BPL APL में आज भी जुड़ा है एवं बहुत से लोगो की शादी तक नही हुई है पर bpl कार्ड बना है श्रीमान जी क्या होगा प्रदेश का बहुत से शॉप केपर जिनके पास 4 वील गाड़ी या है फ्लैट है फिर भी गरीब है क्या होगा आपके द्वारा चलाई जा रही योजना जरूरत मंद को नही मिल पा रही है अगर आपके द्वारा bpl apl card ke ईमानदार अफसर से जांच कराई जाए तो बहुत अच्छा होगा

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Amit Tiwari_18 2 years 9 months ago

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी सहायिका क्या काम कर रहे इस की जानकारी की सत्यता कम ही प्राप्त होती होगी अतः 10 से 15 आंगनवाड़ी किसी एक के अंदर में देखरेख हेतु दे जिससे उनके प्रत्येक कार्य का समुचित उपयोग हो सके ।

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SAILENDRA PRASAD 2 years 9 months ago

बाल मृत्यु दर के पीछे कुपोषण ही एकमात्र कारण नहीं है, महिलाओं की समाज में हमेशा से उपेक्षा की जाती रही है जिसका मूल कारण दहेज प्रथा है। जन्म के पूर्व कन्या भ्रूण हत्या, पालन पोषण में उपेक्षा, दोयम दर्जे की शिक्षा, पराये घर जाने की चिंता, दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना।

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VIJAY KUMAR VISHWAKARMA 2 years 9 months ago

आपके पास सम्रग पोर्टल है जिसमें परिवार के सदस्यों के मोबाईल नम्बर भी लिंक है । दस्तक अभियान में जिस दिन जिन परिवार के घर जाना है उन्हें स्वास्थ्य विभाग पोर्टल पर चिन्हित करें जिससे सम्बन्धित जनों के मोबाईल पर दस्तक यानी एस.एम.एस पहुंच जाएं । जिन घरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता विजिट कर लें समग्र पोर्टल पर उसकी पुष्टि कर दी जाए । विभाग के पास प्रमाणिक डाटा होगा और जनता भी पब्लिक डोमेन में अभियान की सत्यता का परीक्षण कर पायेगी ।

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VISHWAS TAKSALEE 2 years 9 months ago

R.Sir, the govt. may be allocating funds for checking malnutrition but the funds are being utilized for salaries/allowances and on tours of big bureaucrats and leaders. For this please put a check on the corruption and salaries/allowances of these communities. Take for example ,various construction work of crores during SIMHASTHA UJJAIN were of very poor quality and all the funds went into the pockets of contractors, leaders and corrupt officers.

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Alok Kumar Yadav 2 years 9 months ago

बहुत ही अच्छा कदम हैं.... मगर मैं जहाँ रहता हु वहाँ अभी तक कोई भी घर तक तो नहीं आया इस योजना का लाभ पहुचाने...मेरा एक सुझाव ये हैं की इस योजना को स्कूल के छात्रों को बतायें जो अपने घरों मैं बताएंगे... औऱ आपने छोटे भाई बहनों को लाभ पहुचाएगे..

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Jitendra Bhate 2 years 9 months ago

योजना अच्छी है आयोजक अच्छे नही पोषक आहार के नाम पर भरपूर धन राशि दी जाती है परन्तु अधिकारी गढ़ में ही बट जाता है अतः 25% शेष राशि का उपयोग किया जाता है जिसका परिणाम यह है कि कुपोषण बढ़ रहा है आदिवासी बहुल इलाकों में एक मात्र कारण यह है अन्यथा इतनी राशि इतनी सुविधाओं के बाद कुपोषण क्यों नही रुख पा रहा जिला खण्डवा में

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Vipin Mishra 2 years 9 months ago

राज्य सरकार के कई लोक हीत के कार्यक्रम संचालित है। किन्तु उनका क्रियांवयन , निरिक्षण ,सही नहीं हो पा रहा है , जिससे आम आदमी तक सभी सुभिधा नहीं पहुच पा रही है। जैसे मेरा बेटा 24-25 माह का है,हम गांव में ही रहते है हमारे घर के सामने से सड़क भी निकली है पर इन 24-25 माह के अंदर आज तक कोई भी दस्तक दल आज तक एक भी बार हमारे घर नहीं आया । मेरा गांव रीवा जिले के नईगढ़ी तहसील में आता है।