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आइये कंक्रीट के 'जंगल' में पर्यावरण के लिए हरे-भरे मार्ग का निर्माण करें

बचपन से ही हमें पेड़-पौधों के बारे में सिखाया गया है कि पेड़ हमारे ...

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बचपन से ही हमें पेड़-पौधों के बारे में सिखाया गया है कि पेड़ हमारे जीवन और वातावरण के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम सभी जानते हैं पेड़ ऑक्सीजन का उत्पादन करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। पेड़ हमारे जीवन के लिए उतने ही जरूरी हैं जितनी हमारे लिए हमारी साँसे; इसलिए इन पेड़ों का मानव ही नहीं बल्कि जीव-जन्तुओ के जीवन पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। पृथ्वी के प्रत्येक प्राणी को वायु की आवश्यकता होती है, अत: जीवन के लिए पेड़ों का जीवित रहना अति आवश्यक है।

पृथ्वी का तापमान साल-दर-साल निरंतर बढ़ रहा है, जल, वायु, भूमि और ध्वनि प्रदूषण में निरंतर वृद्धि हो रही है। जिससे पृथ्वी पर उपलब्ध कई संसाधनों का विनाश हो सकता है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो परिणाम अत्यंत विनाशकारी होंगे। वृक्षारोपण इस अप्रत्याशित विनाश को रोकने के लिए सबसे सरल और आसान तरीकों में से एक हो सकता है। पेड़-पौधे हमारे लिए एक फिल्टर के रूप में कार्य करते हैं, जो हवा में से धूल और प्रदूषक तत्वों को अवशोषित करते हैं और विभिन्न प्रकार के रासायनिक विकिरणों से हमें सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। औसत उम्र का एक पेड़ साल भर तक एक परिवार को ऑक्सीजन देने के लिए पर्याप्त हो सकता है।

यदि हम प्रकृति के संरक्षणवादीयों में से नहीं हैं, तो भी वृक्षारोपण अनेकों प्रकार से हमारे लिए लाभकारी हो सकता है। क्या आप जानते हैं...! इमारतों के आसपास सही जगह लगे पेड़ हमारे एयर कंडीशनिंग लागत में पचास प्रतिशत तक की कटौती कर सकते हैं...! अनुसंधान बताते हैं कि पेड़ों और हरे रंग के वातावरण के बीच कुछ मिनटों के भीतर ही हमारा रक्तचाप कम हो जाता है, हमारे हृदय की गति सामान्य हो जाती है और तनाव का स्तर कम होने लगता है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि हम में से अधिकांश लोग काम और जीवन की व्यस्तता के कारण वृक्षारोपण के लिय समय निकाल पाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, वृक्षारोपण को अच्छे रख-रखाव और नियमित रूप से पानी की भी आवश्यकता होती है; हालांकि, पर्यावरण में छोटे स्तर पर बदलाव लाने के लिए पौधों का इनडोर प्लांटेशन किया जा सकता है। जैसे- तुलसी व बांस के पौधे, गोल्डन पोथोस, पीस लिली, बॉस्टन फर्न, इंग्लिश आइवी, स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट या रबर प्लांट अनेकों विकल्प हैं। ऐसे पौधों की विशेषता यह है कि ये न ज्यादा जगह घेरते हैं और ना ही इन्हें अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, बल्कि ये हवा में से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने के साथ ही हमारे घरों में ऑक्सिजन की मात्रा को बढ़ाते हैं और छोटे से खूबसूरत बगीचे का निर्माण करने में मददगार भी साबित होते हैं।

पेड़-पौधों के महत्व के प्रति नागरिकों को जागरूक करने हेतु MP MyGov, पर्यावरण छात्र फाउंडेशन के साथ मिलकर भोपाल में वृक्षारोपण अभियान को संचालित कर रहा है। MP MyGov सभी नागरिकों से अपील करता है कि नीचे चिन्हित किये गये विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करें।

1. वृक्षारोपण के प्रकार, जिनके लिए कम पानी और रख-रखाव की आवश्यकता होती है।
2. इनडोर पौधों की विविधता जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं, जिसे कोई भी पसंद कर सकता है।
3. ऐसे क्षेत्र जहां वृक्षारोपण अभियान की आवश्यकता है व इसके पीछे के कारण के बारे में बतायें।
4. ऐसे पेड़-पौधे जो प्राकृतिक रूप से जल और मिट्टी के संरक्षण में सहायक होते हैं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों द्वारा सुझाव एकत्र करने के साथ समाज और आवासीय क्षेत्रों में जाकर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने हेतु उन पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है, जो शहरी क्षेत्रों में अनुकूल वातावरण निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर नागरिकों को ऐसे पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में भी सूचित करना है जो मिट्टी और जल संरक्षण में मदद करते हैं और एक स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सहायक होते हैं।

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sonu 2 months 4 weeks ago

पर्यावरण में जायदा से जयादा पेड़ लगाये और इस को एक अभियान चलाकर और आसान बना सकते है
हमारे लिए और आने वाली पीढियों के ल इए इसे सेव करना हम सब की महत्वपूर्ण जिमेदारी है

Santanu Datta 3 months 5 days ago

Simple way just take a policy of plantation by the side of the road or highway or national highway when we are making road or highway or national highway.Both the work of making road and plantation will be done at at a time and same pace. Problem will be solved.

Vinod Thakraw 3 months 2 weeks ago

प्रतिवर्ष सरकार द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर पंचायतों को लाखो रुपये दिए जाते हैं पंचायत स्तर पर इनके देखरेख की कोई जवाबदेही नहीं होती हैं जिससे न ही जंगल का निर्माण हो पाता है और न ही पेड़-पौधे विकसित हो पाते हैं इस प्रक्रिया को बदलने की आवश्यकता है।

सरकार द्वारा वृक्षारोपण निजी टेंडर प्रक्रिया के तहत करवाया जाना चाहिए जिसमें वृक्षों का जिओ टैग के साथ उनके विकसित होने तक कि जवाबदेही सुनिश्चित हो

इस टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ पंचायत में आने वाले नागरिक ही शामिल हो

Ramayan Mahto 3 months 2 weeks ago

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