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जल जीवन का पर्याय है, आइये साथ मिलकर जल बचाएँ

जल पृथ्वी पर उपस्थित महत्वपूर्ण पदार्थों में से एक है। यदि जल नहीं ...

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जल पृथ्वी पर उपस्थित महत्वपूर्ण पदार्थों में से एक है। यदि जल नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन भी संभव नहीं होता। जल जीवन का पर्याय है, क्योंकि कोई भी जीवित प्राणी इसके बिना नहीं रह सकता।

वर्तमान परिदृश्य में बढ़ते शहरीकरण एवं जनसंख्या वृद्धि के कारण हमारे नगरों की अधोसंरचना व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव दिखाई दे रहा है। प्रदेश भर में पेयजल की समस्या चुनौती बनकर उभर रही है और अधिकांश नगरीय निकाय अल्प वर्षा अथवा पेयजल के स्त्रोतों की कमी जैसी समस्याओं का लगातार सामना कर रहे हैं। बढ़ती हुई ग्लोबल वार्मिंग भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से हम लगातार गिरते हुए जल-स्तर और पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।

इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि पेयजल समस्या का स्वरूप अत्यधिक गंभीर है और यदि इस दिशा में समयानुसार उचित कदम नहीं उठाये गये तो आने वाले भविष्य में यह स्थिति भयावह हो सकती है। अगर हम जल का सही तरीके से उपयोग नहीं करेंगे तो भविष्य में हमें एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार के साथ-साथ हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम जल का संरक्षण करें। उसका सही तरीके से उपयोग करें, अनावश्यक इसे बर्बाद होने से बचाएँ। हम सभी अपने घरों में छोटे-छोटे उपाय करके पानी को अनावश्यक बर्बाद होने से बचा सकते हैं। जैसे-

• बर्तनों में ताज़ा पानी भरते समय उसमें पहले से भरे पानी को व्यर्थ न बहायें, उसका उपयोग करें।
• नहाते समय, अपने दांतों को ब्रश करते हुए, अपना चेहरा धोते समय पानी को बाल्टी या जग में भरने की कोशिश करें एवं जरूरत के अनुसार इसका उपयोग करें।
• R.O. यंत्र, AC, Refridgerator इत्यादि से waste के रूप में निकलने वाले पानी का पेड़-पौधों में पुन: उपयोग करें ।
• अपने बगीचे इत्यादि में पानी देते समय पाइप की जगह जग या बाल्टी का उपयोग करें, इससे निश्चित ही पानी की बचत होगी।
• पानी को सहेजने के लिए जल भंडारण विधियों, जल गुणवत्ता परीक्षण जैसे तकनीकों का उपयोग करें।

जल को आवश्यकतानुसार उपयोग करने एवं संरक्षित करने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मध्यप्रदेश, आपके महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित करता है। आप हमें सुझाएं कि हम सब कैसे इस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा बन सकते हैं, साथ ही कैसे अपने आसपास जल संरक्षण के लिए अपना योगदान कर सकते हैं?

अपने महत्त्वपूर्ण सुझाव MPMyGov पर साझा करें और प्रकृति की इस अनमोल धरोहर को सहेजने में हमारे साथ हाथ से हाथ मिला कर आगे बढ़ें।

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104 Record(s) Found

ANIL KUMAR CHAUHAN 4 days 10 hours ago

Sir, we can make India into a well developed nation within15 years by sustained and well planned plantation.We can plant thousand kinds of many billions trees and shrubs which provide fruits, vegetables,edible oil, cereals and medicines etc asides the railways , roads , canals and streams.1.2 billon safou fruit will produce 150 million ton of edible oil, 1.2 billion trees of maya bread nut can produce 300 million ton cereal,1.2 billion trees of african bread fruit will produce 200 million

ANIL KUMAR CHAUHAN 4 days 10 hours ago

Sir. We can solve water and energy crisis by desalination of water by separating ions by external electric field. We can produce tremendous energy by separating Hydrogen ions and hydroxyl ions by external electric field. We can also synthesize many bio_degradable polymers to solve plastic pollution. But for all you have to support us

ankur agrawal 4 days 19 hours ago

rain water harwesting system should be compulsory for each & every building which is very helpfull for increase ground water level

PRAYUSH MISHRA 1 week 5 days ago

माना पानी का नही हैं मोल
पर जीवन के लिए हैं ये अनमोल
साँसे जहाँ चलती हैं
वहीँ पानी से पनपती हैं
यह महज़ एक कविता नहीं
जीवन की एक सीख हैं
पानी बचाओ पानी बचाओ
वर्ना दुखदाई अंत हैं
जल की कोई सीमा नहीं
पर पिने को वो योग्य नहीं
जो जल जीवन बनाता हैं
वो हर जगह नहीं मिल पाता हैं
करो इसका मोल अभी
वर्ना पछताओगे
पानी बचालो आज सभी
वर्ना कठिन समस्या पाओगे
मिश्रा प्रायुष
पन्ना मध्यप्रदेश

MUKESH 2 weeks 2 days ago

sabse pahale paid podha lagana chahiye kyuki paid podho ka jad mitti me gahrayi me jata hai jisse vah pani ka leval star badata hai or ham dekhte hai ki jis jagah me pani hota hai us jagah par paid podha hamesha hara bhara rahta hai

Rajendra jatav 3 weeks 1 day ago

जल ही जीवन है ग्लोवल वार्मिंग होने से पर्यावरण का संतुलन विअग चूका है , समय पर वर्षा न होता , गर्मी न पढ़ना ,ठुण्ड न होना,किसी भी मौसम कभी भी आ जाना ,
पानी जीवन की मुलभुत अव्य्सकता है वर्षा न होने का कारन पेड़ो की कटाई और जायदा से २ पेड़ लगाओ , सभी भारत की जा जनता से निवेदन है की पानी की वर्बदी न कर्रे पुराना पानी इस्तमाल होने के बाद ही नया पानी भरे , भविष्य में सुखा पड़ने के आसार है. अगर आप जायदा से जायदा पेड़ लगोगे तो पेड़ वरिश को आने के लिए उकसाती है .
धन्यवाद

BALASUBRAMANI V 3 weeks 1 day ago

We can be solved a water problem by planting more number of palm trees around a lake, other natural water bodies. Further we dredged to remove soil debris from lakes,ponds to increase their water storing capacity. Finally we increasing our ground water table while adopting Rain water harvesting method.