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बाल विवाह को कैसे खत्म किया जा सकता है?

जब बच्चों के खेलने-कूदने, कुछ सीखने और पढ़ने का समय था, तब उनके हाथों ...

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जब बच्चों के खेलने-कूदने, कुछ सीखने और पढ़ने का समय था, तब उनके हाथों में अपने परिवार और बच्चों को संभालने की जिम्मेदारियां सौंप दी गई।

जब बच्चों की स्वच्छंद और स्वस्थ जीवन जीने की उम्र होती है, तब तक उन्हें अपने बचपन को त्यागने और जिम्मेदारियों को लेने के लिए मजबूर किया जाता है और एक ऐसा उन्हें जीवन जीने के लिए बाध्य किया जाता है जिसकी जटिलता से से वे पूरी तरह अनजान होते हैं। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का उनकी इच्छा के विपरीत विवाह करने को ही आमतौर पर “बाल विवाह” कहा जाता है।

बीते समय में बाल विवाह की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है और यह नकारात्मक रूप से बच्चों पर ऐसे प्रभाव डालता है, जिसकी वजह से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास रुक जाता है। इसके साथ ही अन्य समस्याओं को भी जन्म देता है जैसे गरीबी, खराब स्वास्थ्य, निरक्षरता और घरेलू हिंसा इत्यादि से देश के समग्र विकास, समृद्धि और स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

एक उन्नत और सफल समाज स्थापित करने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वर्तमान और भविष्य में बाल विवाह का इस दुनिया में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। दुनिया भर में सभी बच्चे मन मर्जी से अपना आनंदमय बचपन जीने के हकदार हैं। हम सबका यही संकल्प होना चाहिए की समस्त बच्चे बाल विवाह से जुड़े हिंसा और नकारात्मक परिणामों से दूर अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिये शिक्षा ग्रहण करें एवं एक स्वस्थ बचपन को जियें और परिपक्व बनें। इसके साथ ही भविष्य में उन्हें पूरा अधिकार है कि वे वयस्क होने पर स्वयं फैसला करें वे कब और किसके साथ अपना जीवन व्यतीत करना चाहते हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्य प्रदेश आपसे बाल विवाह और उससे जुड़ी कुरीतियों को पूरी तरह समाज से खत्म करने के तरीकों के बारे में चिंतन करने के लिये आग्रह करता है और आपके विचार और सुझाव आमंत्रित करता है। एक उन्नत राष्ट्र बनने के लिए हमें बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए अपने कुछ विचार, शैक्षणिक कार्यक्रम और प्रभावी तरीकों के बारे में हमे बताएं और अपने विचार हमसे साझा करें जिससे इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए उचित नियमों और नीतियों को लागू किया जा सके।

आपके मूल्यवान सुझावों/विचारों के जरिये इस मुद्दे को एक नया आयाम मिलेगा और असंख्य बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिये आपका यह प्रयास एक सराहनीय कदम साबित होगा।

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Jeevan lal yadav 1 year 1 month ago

सम्पूर्ण सोच विचार विमर्श के बाद बड़े दुख के साथ ये कहना चाहूंगा कि हमारा जो शिक्षा का स्तर है वो घटिया है लोग शिक्षित नही होंगे तो उन्हें कैसे पता होगा बाल विवाह के दुष्परिणाम इस लिए ये घटनाएं गाँव मे ज्यादा देखी जाती है
फिलहाल इस से निपटने का एक माध्यम ये है कि जानकारी देने वाले को उचित इनाम एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाए किसी के लालच से किसी का भविष्य बच जाएगा। धन्यवाद

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Abhishekh Singh Rathour 1 year 1 month ago

Bal bivah roknrke kai tarike hai,jaise ki sabse pale jo mata pita apne bachcho ka bal bivah karte hai o ye karna band kare. aur khud ko sudhare. ki bachchho ka bal bivah karne par bachche khud ko nhi samahal skte hai. to o dusro ka bojh ya dusroka bhar kaise samahal sakte hai.bal bivah karne ka arth hai ki kachche matke me pani bharna. jis tarah kachchematke me pani bharne se tut jata hai vaise hi bal bivah karne se bachcho ke jivan me bhut gahra prabhav pdta hai. phale mata pita jagruk hona

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Pawan Ghogare 1 year 1 month ago

सब से पहले हमारी पुलिस ज़्यादा सक्रिय होना पड़ेगा और नागरिक को भी पर कुछ स्थानो पे पुलिस का डर ना होने से बाल विवाह होता है अगर सरकार बाल विवाह पर ओर ठोस कदम उठाना होगा जिस के कारण ऐसे लोगो मे डर हो और वो बाल विवाह न कर पाए

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Anu TR 1 year 1 month ago

बाल विवाह रोकने के लिए सबसे पहले जागरूक होना जरूरी है ,जितने भी ग्रामीण इलाके है वहां पर सभी को जागरूक करना बाल विवाह के दुष्परिणामों को बताना जरूरी है कि कैसे वे अपनी ही औलाद को नरक में भेज रहे है , अगर मां बाप जागरूक हो जाएंगे तो इस देश में कभी बाल विवाह जैसी प्रथा आगे बढ़ने नहीं पायेगी , मेरा सभी लोगो से निवेदन है कि अगर वे कही भी इस कुप्रथा को देखते है तो उसका विरोध करे और बच्चो के मां बाप को समझाने की कोशिश करें ।
धन्यवाद्

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deepak karpentar 1 year 1 month ago

बाल विवाह होने का एकमात्र कारण होता है समाज में उसके दुष्परिणामों की जानकारी का अभाव बालविवाह के केवल दुस्परिणाम ही होते हैं जीनमें सबसे घातक शिशु व माता की मृत्यु दर में वृद्धि | शारीरिक और मानसिक विकास पूर्ण नहीं हो पता हैं
और वे अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निर्वेहन नहीं कर पाते हैं और इनसे एच.आई.वि. जेसे यौन संक्रमित रोग होने का खतरा हमेशा बना रहता हैं।

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

अगर आप अपने आसपास कहीं पर भी बाल विवाह होते देख रहे हों तो हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं। यह नंबर पंचकूला प्रशासन ने जारी किया है।
उन्होंने जिला वासियों से कहा है कि उनके आसपास किसी नाबालिग का विवाह करवाया जा रहा है तो इसकी सूचना महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, पुलिस या उपायुक्त को तुरंत सूचना दें। ताकी दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने कहा

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

बालविवाह? एक ऐसी प्रथा जिससे कोई अपरिचित नहीं हैं।

बालविवाह केवल भारत मैं ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में होते आएं हैं और समूचे विश्व में भारत का बालविवाह में दूसरा स्थान हैं। सम्पूर्ण भारत मैं विश्व के 40% बालविवाह होते हैं और समूचे भारत में 49% लड़कियों का विवाह 18 वर्ष की आयु से पूर्व ही हो जाता हैं। भारत में, बाल विवाह केरल राज्य, जो सबसे अधिक साक्षरता वाला राज्य है, में अब भी प्रचलन में है।

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

बालविवाह रोकने हेतु कुछ उपाय हो सकते हैं जैसे-

1. समाज में जागरूकता फैलाना |

2. मीडिया इसे रोकने में प्रमुख भागीदारी निभा सकती हैं।

3. शिक्षा का प्रसार |

4. ग़रीबी का उन्मूलन |

5. जहाँ मीडिया का प्रसार ना हो सके वह नुक्कड़ नाटको का आयोजन करना चाहिए।

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PANKAJ KUMAR BARMAN 1 year 1 month ago

बाल विवाह को रोकने एवं बाल विवाह को करने वाले लोगों को दंडित करने के लिए समय समय पर कानून बने है. वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 प्रभाव में है. जिससे बाल विवाह को रोकने और बाल विवाह करने व कराने वालों को कठोर दंड दंडित करने के प्रावधान है. इस कानून के मुख्य प्रावधान निम्न है.

18 साल से अधिक उम्र का लड़का अगर 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करता है तो उसे 2 साल तक की कड़ी कैद या एक लाख रूपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती है.