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मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण

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मध्यप्रदेश में मातृ सुरक्षा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप, राज्य में मातृ मृत्यु दर में गिरावट दर्ज की गई है।

पोषण; मातृ एवं बाल स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अधिकांश महिलाएं गर्भावस्था में पर्याप्त पोषण न मिलने से कम वजन, एनीमिया सम्बंधित समस्याओं से ग्रसित हैं । गर्भावस्था में पोषण की कमी से मातृ मृत्यु दर और कुपोषित शिशु के जन्म जैसे दुष्परिणाम सामने आते हैं।

गर्भावस्था के दौरान महिला द्वारा लिया जाने वाला आहार ही उसके शिशु के भोजन का एक मात्र स्रोत होता है। मातृत्व स्वास्थ्य में सुधार द्वारा ही प्रदेश के सभी शिशुओं को कुपोषण से बचाया जा सकता है।

एकीकृत बाल विकास सेवा, महिला एवं बाल विकास विभाग गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में मातृत्व स्वास्थ्य व पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर सुझाव आमंत्रित करता है।

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25 Record(s) Found

Deepak Sharma 5 months 2 weeks ago

1. हर वार्ड में आंगनबाडी केन्‍द्र होना चाहिए,जिसके माध्‍यम से गर्भावस्‍था महिला को चिहिन्‍त कर उनके हेल्‍थ कार्डमेंटेन किये जाकर उनका कुपोषण,एनीमिया,कम वजन आदि समस्‍याओं से प्रभावी मॉनिटरिंग कीजावें।
2. हर महिला को आंगनबाडी(वार्डवार) में रजिस्‍ट्रेशन कर मातृत्‍व स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण की संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे।
3. हर आंगनबाडी से पास के अस्‍पताल जाने हेतु वाहन सुविधा उपलब्‍ध कराईजावें।
4. आंगनबाडी कार्यकताओं को नियमित प्रशिक्षित किया जावे।
5. नवजात शिशुओं हेतु स्‍पेशल वार्ड कीस्

brahmanand jaalap 5 months 3 weeks ago

माननीय प्रधानमंत्री जी.
आप से निवेदन है महिला गर्भावस्था मे है शिशु के जन्म से 4 माह पहले तथा अगले छ: माह तक महिला को पोस्टीक पोषण दिया जाऐ. जिससे मां ओर बच्चा अपने आपको स्वस्थ महसूस करें.पोस्टीक पोषण के पैसे ना दिया जाए ब्लकि पोस्टीक अहार दिया जाये.वरना कुछ परिवार शराब पिने वाले होते है पेसो से शराब पि जाऐगे.कुपोषण से शिकार मां तो होती है शिशु जन्म के बाद पोषण नही मिलता वह शिकार हो जाता है!
पहले पोषण दिया जाये.
नारा-
मेरे देश की नारी स्वस्थ रहे
स्वस्थ रहे मेरा हिन्दुस्थान !

Jayaprabha Jain 5 months 3 weeks ago

Kahte hai maa jag me Devi ka roop hai par jab wahi devi dusri devi ko duniya me lati hai to uske saath kya kiya jata hai kya ladka ya ladki hona akeli aurat ke haath me hota hai.....

Shailesh Kumar jain 5 months 3 weeks ago

Pahla Poshan maa se.
Jaisa ki hame pata h ki bachche ko pahla doodh maa hi pilati h isliye ham kah sakte h ki pahla poshan maa ke Aanchal se hi bachche ko prapt hata h.
(2) Jo maskot maine banaya h usme yahi dikhane ki koshish ki h.

Abhay Maurya 5 months 3 weeks ago

जागो नारी शक्ति जागो अपने आप में विश्वास लाओ देश में जो हुआ नहीं वह कर दिखाओ

Abhay Maurya 5 months 3 weeks ago

अगर घर की मां है पढ़ी-लिखी और संस्कारी हो तो वह अपने परिवार को परिवार को अनपढ़ होने से बचा सकती है और सुखी मैं खुशहाल परिवार बना सकती है घर में एक ही औरत या लड़की या मां सब एक रुप है वह चाहे तो घर बसाए चाहे तो बिगाड़े

manish pol 6 months 2 days ago

मान्यवर जब घर में माँ को अगर हर प्रकार का ज्ञान प्राप्त हो तो एक परिवार जिसमे बच्चे और बड़े सभी लाभान्वित होते है जिसमे खासकर लडकिया शामिल हैं क्योकि एक माँ समझदार होगी तो सभी परिवार सुखी खुशहाल होगा स्वास्थ की दृष्टी से एक नई माँ को जिसने अभी मातृत्व को समझा भी न होगा उसे सभी पोषक आहार इस समय देना ही चाहिए तभी तो एक स्वस्थ शिशु का जन्म होगा