You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

मुख्यमंत्री निकाह योजना पर नागरिकों के मूल्यवान विचार एवं प्रतिक्रियाएं

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा गरीब ...

See details Hide details

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा गरीब जरुरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की मुस्लिम विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्तता के सामूहिक निकाह हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में विभाग द्वारा सामूहिक निकाह हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री निकाह योजना की शुरुआत की गयी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री निकाह योजना वर्ष 2012 से प्रभावशील की गई है। इस योजनान्तर्गत कन्या की आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की आयु 21 वर्ष पूर्ण हो गई हो और इसके अन्तर्गत अधिकतम आयु का बंधन नहीं रखा गया है।

कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना हेतु सहायता राशि के रूप में रुपये 17,000/- का अकाउंट पेयी चेक दिया जाता है। इसके अलावा विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री (कपड़े, बिछिया, पायजेब (चांदी के) तथा 7 बर्तन) रुपये 5000/- (सामग्री की गुणवत्ता और मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा।) सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के लिये ग्रामीण/शहरी निकाय को व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु रुपये 3000/- दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री निकाह योजना अंतर्गत प्रति कन्या को रुपये 25000/- की सहायता राशि के अलावा शासन के द्वारा स्मार्ट फोन क्रय करने हेतु रुपये 3000/- की राशि प्रति कन्या के मान से दी जाएगी।

नि:संदेह सामूहिक निकाह की दिशा में उठाया गया यह एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग द्वारा चलाई जा रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के मुस्लिम समुदाय को इसका फायदा पहुंचाना है। इस योजना की अधिक जानकारी के लिये सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

इस योजना को जरुरतमंद परिवारों की मुस्लिम विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्तता के लिये और कैसे लाभदायी बनाया जा सकता है? इस पर आप अपने सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं हमें भेज सकते हैं।

All Comments
Reset
24 Record(s) Found
200

Jaykishan vishwakarma 1 year 1 month ago

माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान C.M म.प्र को देवास म. प्र. के बुद्धसेन पटेल के सुझाव पर सैनेटरी नैपकिन (पैड)से GST पूरी तरह से ख़त्म करने सुझाव देने से@भारत सरकार ने GST पूरी तरह से ख़त्म करने की घोषणा की है|यह बहुत बड़ा सामाजिक सोच महिलाओं के भलाई, हित के लिए सरकार ने किया है| मैं देश के सामाजिक संस्थाओ NGO एवं बड़े औधोगिक घरानो से निवेदन करता हूँ की सैनेटरी नैपकिन (पैड) की उपलब्धता आसान हो में आगे आये @और अपने महिला सामाजिक दायित्व का निर्बहन करें |उद्योगपति अपने धन के भंडार के लिए खोले
mygov_

33700

Buddhasen Patel 1 year 1 month ago

माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान C.M म.प्र को देवास म. प्र. के बुद्धसेन पटेल के सुझाव पर सैनेटरी नैपकिन (पैड)से GST पूरी तरह से ख़त्म करने सुझाव देने से@भारत सरकार ने GST पूरी तरह से ख़त्म करने की घोषणा की है|यह बहुत बड़ा सामाजिक सोच महिलाओं के भलाई, हित के लिए सरकार ने किया है| मैं देश के सामाजिक संस्थाओ NGO एवं बड़े औधोगिक घरानो से निवेदन करता हूँ की सैनेटरी नैपकिन (पैड) की उपलब्धता आसान हो में आगे आये @और अपने महिला सामाजिक दायित्व का निर्बहन करें |उद्योगपति अपने धन के भंडार के लिए खोले

37200

RAVINDRA KUMAR SHARMA 1 year 2 months ago

योजना निःशंदेह सुन्दर है. लेकिन ये योजना किसी जाति और धर्म से नहीं जोड़नी चाहिए. यह योजना हर आर्थिकरूप से कमजोर परिवारों की लाड़लियों के विवाह में सम्बल बनता तो योजना में चार चाँद लग जाते. लेकिन योजना को जाति और धर्म से जोड़ने से योजना का उद्देश्य और लक्ष्य कहीं और प्रतिबिंबित हो रहा है.

6320

Sunil_457 1 year 2 months ago

यह बहुत अच्छा कार्य है जिस से कि लोगों को आर्थिक सहायता मिलेगी और समाज में सुधार आयेगा ।कुछ लोगो के द्वारा आर्थिक तंगी के कारण गलत रास्ते चुने जाते है और वही अपराध की श्रेणी में आ जाता है ।यह योजना निकाह के साथ लोगो में जागरूकता तथा सुधार लाएगी। और बालविवाह जैसी कुरीति को खत्म करेगी ।।।

300

Raju Verma 1 year 2 months ago

It seems to be a good scheme, but in my view it will be better, if Govt. take initiative to make the poor people of all religion capable to earn their livelihood by giving them quality education and equal opportunity.

These days the education system of MP looks to be worse compare to country average, grass root of basic education has been erosion and system is suffering due to highest level of corruption, even the smallest work in any Govt. office can't be done without giving bribe.