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यातायात के सुरक्षा उपायों पर नागरिकों के सुझाव

Start Date: 05-12-2019
End Date: 12-02-2020

ट्रैफिक पुलिस, मध्य प्रदेश MP MyGov के सहयोग से सभी नागरिकों से यातायात ...

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ट्रैफिक पुलिस, मध्य प्रदेश MP MyGov के सहयोग से सभी नागरिकों से यातायात सुरक्षा पर अपने विचार साझा करने के लिए आग्रह कर रही है; जिससे प्रदेश में यातायात सुरक्षा उपायों को और बेहतर एवं सुरक्षित बनाया जा सके।

हम सभी जानते हैं दुर्घटनाएँ किसी के साथ भी घटित हो सकती है और कभी-कभी तो इसे रोक पाना असंभव हो जाता है। लेकिन छोटे-छोटे एहतियाती उपाय हमें दुर्घटना के समय खुद को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, सीटबेल्ट और हेलमेट पहनने से शायद हम दुर्घटना को रोक तो नहीं सकते लेकिन दुर्घटना होने की स्थिति में निश्चित रूप से स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं। यातायात विभाग राज्य में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर अपना कर्तव्य निभा रहा है। हालाँकि; यातायात को और अधिक सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाना कोई असंभव कार्य नहीं। लेकिन हमें भी विभाग के प्रयासों के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करना पड़ेगा।

एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में सबसे अधिक दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु में प्रदेश दूसरे नंबर पर है। इनमें से अधिकतर दुर्घटनायें और घातक मौतें हमारी लापरवाही के कारण होती है। यातायात नियमों को तोड़ना एक आम प्रवृत्ति बन गई है। अक्सर हड़बड़ी या जल्दबाजी में, हम ट्रैफिक सिग्नलों को पार करने या अपने वाहनों को तेज चलाने या गलत साइड से आगे निकलने से भी नहीं डरते। फोन पर बात करते हुए या म्यूजिक सुनते हुए हेडफोन लगाकर दो पहिया वाहन चलाना इन दिनो ट्रैफिक की आम समस्या बन गयी है। हम स्वयं की सुरक्षा को लेकर इतने लापरवाह हैं कि हमें हेलमेट पहनने के लिए भी जुर्माना लगाने की जरुरत पड़ती है। शायद हम जानते नहीं; लेकिन इस तरह की लापरवाही न केवल हमारे जीवन को खतरे में डाल सकती है, बल्कि सड़कों पर अन्य लोगों के लिए भी घातक है।

ऐसे ही एहतियाती और सुरक्षात्मक उपायों पर लोगों में जागरूकता के लिए ट्रैफिक पुलिस, मध्य प्रदेश आपके सुझाव आमंत्रित करता है। इस विषय पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव व विचार mp.mygov.in पर शेयर करें।

ट्रैफिक नियमों का पालन व सतर्कता आपके जीवन के साथ-साथ आपके प्रियजनों को भी बचा सकता है।

नोट :
• अपने सुझाव हमसे साझा करने के लिए mp.mygov.in पर लॉग इन करें।
• आपके सुझाव विषय संबंधी होने चाहिए।
• प्रचारक लिंक वाली प्रविष्टियों को रद्द कर दिया जाएगा।
• डुप्लीकेट प्रविष्टियां मान्य नहीं की जाएंगी।
• दो से ज्यादा प्रविष्टियां मान्य नहीं की जाएंगी।

All Comments
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Rajlalan Patel 8 months 2 weeks ago

According to Rajlalan patel
दुर्घनाएं रोकने के लिए
1.स्पीड मे नियंत्रण
2.सिग्नल व्यवस्था
3.ट्रैफिक पुलिस
4.शराब पीकर ड्राईविंग ना करना
बहुत नियंत्रण हो जाएगा

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Shubham Jain Barkhedawala 8 months 2 weeks ago

स्कूलो मे यातायात के नियमो व वाहन चालन सिखने का कोर्स कर वाहन दुर्घटना को काफी हद तक रोका जा सकता है,
हाइवे से रात के समय बेलगाड़ी, गाये, ट्रेक्टर ट्राली व बगेर लाइट वाली गाड़ियो को हटवा कर दुर्घटनाए रोकनी चाहए।
बच्चो के बगेर लाइसेंस वाहनो के चालन व शराब पीकर वाहन चलाने पर दृड़ता से रोक हो।

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Pushpendra Patel 8 months 2 weeks ago

शुरुआत एजेंसी से वाहन खरीदने समय से ही हाेना चाहिए। देखा जाना चाहिए कि संबंधित के पास वाहन चलाने की टृेनिंग का सर्टीफिकेट हाे तभी उसे वाहन बेचा जाना चाहिए। सडक हादसाें में युवा सबसे ज्यादा शिकार हाेते हैं फाेकस इन पर हाेना चाहिए इन्हें जागरूक किया जाए यातायात के नियम शुरू से ही बच्चाें काे सिखाएं जाएं शिक्षा में शामिल हाें।

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Abadhesh mangal 8 months 3 weeks ago

देश प्रदेश में यातायात नियमों का पालन करने के लिए सरकार द्वारा काफी हद तक प्रयास किए जाते हैं परंतु देश के कुछ लापरवाह नागरिकों द्वारा यातायात के नियमों का पालन नही किया जाता देश प्रदेश में दुर्घटनाओं का कारण बिना नंबर के वाहन है बिना नंबर के वाहन दुर्घटना करके भाग जाते है सभी सरकार द्वारा अगर सभी दोपहिया वाहनों चार पहिया वाहनों पर नंबर अंकित किये जाते है दुर्घटना पर काफी रोक लग सकती है नंबर वाले वाहन ज्यादातर लिमिट स्पीड मे चलाये जाते है जबकि बिना नंबर वाहन अनलिमिटेड स्पीड मे चलाये जाते है

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CHETAN WADHWA 8 months 3 weeks ago

मेरा आप सभी से एक ही मत है ‍कि यह यातायात सुरक्षा उपाय तभी अपनाय जातें जब इसका या तो सप्‍ताह हो या ‍किसी बडे़ का शहर में आना जाना हो बाकि में कोई यातायात प्रभारी कोई ध्‍यान नहीं देता हैं आप क्‍या कर रहें या नहीं मगर जब सप्‍ताह तो अपने उच्‍च अधिकारी के सामने पेंश हो जाते है ‍कि हमाने यहां चैंकिग की और यहां चालान कटा यह गलत रोज होना चाहिए तभी सही अन्‍यथा यह यातायात सुरक्षा नहीं मानी जा सकती है।
धन्‍यवाद

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Pooran Kumar Shakya 8 months 3 weeks ago

जयजवान जयकिसान
मेरा सभी पुलिसकर्मियों से ट्रैफिक पुलिस से निवेदन है के वाहन चेकिंग करने का नजरिया चार पहिया वाहन का हो या दो पहिया वाहन का हो सभी के साथ एक जैसा होना चाहिए दुपहिया वाहन के लिए हेलमेट की सलाह दी जाए चला ही नहीं बल्कि उसको एक हेलमेट दिया जाए चालान की तौर पर मैंने अक्सर देखा है दोपहिया बहन को बार बार चेक किया जाता है जबकि उस पर सभी कागज होते हैं तब भी चालान काट दिया जाता है चार पहिया वाहन बालों को मैंने देखा है उनको चैट ही नहीं किया जाता जबकि चार पहिया वाले वाहन में कई चोरियां ड

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Nandita Mishra 8 months 3 weeks ago

I think, helmet is not an ultimate solution to save the people from accidents. The one who drives with helmet can also face an accident and in so many cases we have assumed this. So, the root cause for accidents is the Road with large breakers and holes.
If the government focuses on that,, the accidents can be controlled.when I t ,I go to my university and I face 4 squares with traffic signals, but nowhere the traffic incharge could be found.