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वित्तीय धोखाधड़ी एवं अपराध संबंधी परिचर्चा

Start Date: 28-11-2020
End Date: 28-01-2021

हम सभी जानते हैं कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की तेज गति से ...

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हम सभी जानते हैं कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसके अलावा हमारे देश में आर्थिक विषमता भी बहुत ज्यादा है, जिसके कारण समाज के गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों के प्रभावित होने की सम्भावना सबसे अधिक है। हाल ही के दिनों में अनेक प्रकार के आर्थिक घोटाले सामने आए हैं जैसे- चिटफण्ड, वित्तीय संस्थाओं के घोटाले।

सहकारी संस्थाओं के अलावा प्रदेश में राष्ट्रीयकृत व निजी क्षेत्र में स्थित बैंक, चिटफण्ड कंपनियों एवं गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं, स्वैच्छिक संगठनों जैसे- ट्रस्ट, एनजीओ तथा व्यक्तियों द्वारा भी आम जनता के साथ अथवा इन संस्थाओं में भी आर्थिक अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी करने के प्रकरण प्रकाश में आये हैं।

मध्यप्रदेश भी आर्थिक विषमता के कारण अन्य प्रदेशों की तरह धोखाधड़ी के अपराधों के प्रति उतना ही प्रभावित है। इस तरह के वित्तीय घोटालों के कारण देश की अर्थव्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है तथा निवेशकों की दृष्टि में प्रदेश की भी नकारात्मक छवि बन रही है।

वित्तीय अपराध, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, लोक सेवा गारंटी एवं सूचना का अधिकार, पुलिस मुख्यालय भोपाल, मध्यप्रदेश किसी भी वित्तीय अपराध एवं धोखाधड़ी से पीड़ित नागरिकों को दोषियों को दण्डित करवाकर उन्हें न्याय दिलाने में मदद करता है। यदि आपके साथ भी इस तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो आप विभाग से शिकायत कर सकते हैं।

विभाग के साथ-साथ एक नागरिक के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी है कि इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी से हम स्वयं भी सतर्क व सावधान रहें। इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव हेतु यदि आपके पास भी कोई विचार या सुझाव है तो अपने सकारात्मक सुझाव हमसे अवश्य साझा करें।

ऐसी किसी समस्या के लिए आप विभाग से संपर्क कर सकते हैं : 0755-2443022

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92 Record(s) Found
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SUNIL 2 days 10 hours ago

हमारे यहा प्रधानमंत्री आवास नहीं मिल रही ओर नालियों का काम भी नहीं हो रहा साफ़ सफाई भी नहीं होती है कितनी बार शिकायत कर दी गयी है परन्तु कोइ निराकरण नहीं किया गया

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OM Kar 3 days 9 hours ago

ग्राम पंचायत पहाड़ी निवार जिला कटनी म प्र
में यूरिया 370 औऱ सल्फर 330 की बेची जा रही है किसानों को 10 घण्टे बिजली बहुत कम है

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RajneeshKumarKushwaha 1 week 5 days ago

मजदूरों के खाते में पैसा डाल के निकलवा लिया जाता है
लेकिन वे मजदूरी करने नहीं जाते है

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RajneeshKumarKushwaha 1 week 5 days ago

हमारे यहां सचिव एवं सरपंच मिल कर मजदूरों के पैसे खा रहे
है

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Amit Kumar Tiwari 2 weeks 1 day ago

मैं आपसे अनुरोध व आगामी कार्यवाही हेतु मदद् की अपेक्षा रखता हूॅं, मुझे अधिक धन राशि का संचय करने के लिये श्री राजय वर्मा (टी.टी.ई. खण्डवा) जो कि सेन्ट्रल रेल्वे के कर्मचारी है के द्वारा गल्फ क्वाॅइन गोल्ड @ माॅय गल्फ क्वाॅइन गोल्ड @ सी.बी.एक्स क्वाईन नामक फर्जी कम्पनी में इन्वेंट करवा दिया है, जो कि भारतीय मुद्रा में राशि को ली जाकर विदेशी डाॅलर में सिर्फ साॅफ्टवेअर में ही प्रदर्शीत होती है,

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Amit Kumar Tiwari 2 weeks 1 day ago

विशेष यह प्रक्रिया मेरे जैसे सैकड़ों लोगो के साथ की गई है, चूंकि उक्त समस्त लेन-देन की राशि 7000 प्रति आई.डी. से रखी गयी थी तो सभी ने नगद में व्यवहार किया गया, जिसका किसी के पास कोई सबूत न होने से इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है, मगर मेरे पास कुछ व्हाॅट्सप मैसेज, कम्पनी के ब्राड एम्बेसेडर, कम्पनी के प्रचारक गे्रड उमेशजी लाखरा द्वारा कम्पनी के बैंक खाते में व कमीशन की राशि स्वयं के खाते राशि स्वयं के खाते राशि हस्तांतरिक कराई गई है का पूर्ण बैंक द्वारा ट्रोंजेक्शन पर भी पुलिस द्वारा

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Amit Kumar Tiwari 2 weeks 1 day ago

किस लिए पुंछ रहें हो मामा जी महाकौशल कुछ मिलना नहीं है सब दुसरे के लिए है जैसा मंत्री परिषद में किया है

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Amit Kumar Tiwari 2 weeks 1 day ago

आम आदमी का पैसा बैंक में जमा होता है जिस पर बैंक द्वारा कई प्रकार के शुल्क लगाये जाते है और फिर सरकार भी उस पर 18 % का GST लगाकर आम आदमी पर फिर से बोझ डाल देती है | पैसा जमा होने के बजाय शुल्क में ही दम तोड़ देता है और आम आदमी मुह देखते रह जाता है कि मेरा मेहनत का पैसा बैंक और सरकार ने लूट लिया है

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Amit Kumar Tiwari 2 weeks 1 day ago

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य की चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत स्वशासी स्टॉप के वेतन एवं महंगाई भत्ते से 10% की राशि विगत लगभग 3 वर्षों से एनपीएस के नाम पर काटी जा रही है किंतु उक्त राशि कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नहीं डाली जा रही है यहां तक कि आज तक एनपीएस खाता तक नहीं खोला गया और विभाग कुंभकरण की नींद में सो रहा है