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सही समय पर स्तनपान शिशु स्वास्थ्य के लिए है वरदान

जब किसी घर-परिवार में नवजात शिशु का जन्म होता है तो पूरा घर शिशु की ...

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जब किसी घर-परिवार में नवजात शिशु का जन्म होता है तो पूरा घर शिशु की मीठी किलकारी से गूंजने लगता है... सभी उसकी बलाएँ लेते हैं... परिवार में जन्म लेने वाला शिशु अपने साथ माँ-पिता व परिवार के लिए खुशियों एवं उम्मीदों का खजाना लेकर आता है। सभी चाहते हैं कि नवजात को कोई भी बीमारी न हो और वह खूब तन्दरुस्त, बलशाली और बुद्धिमान बने।

लेकिन थोड़ी सी लापरवाही नवजात शिशु को कमजोर और कुपोषित बना देती है। डॉ. के अनुसार जन्म के तुरंत बाद बच्चे को माँ का पीला, गाढ़ा दूध यानि खीस (कोलस्ट्रम) जरूर दिया जाना चाहिए। यह बच्चे का पहला टीका है। मानव जीवन में केवल एक ही बार, जन्म के तीन दिनों तक ही बच्चे को माँ से खीस (कोलस्ट्रम) मिलता है। यदि यह मौका निकल गया तो जीवन भर इसका कोई विकल्प नहीं। शिशु को जन्म से एक घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू कराके जीवन के पहले ही महीने होने वाली 5 में से 1 बाल मृत्यु को रोकी जा सकती है। कोलस्ट्रम में अनेकों वृद्धिकारक तत्व हैं जो प्रोटीन से भरपूर होता है, जो शिशु की आँतों की परिपक्वता में सहायक होता है। इम्यूनोग्लोबिन होने के कारण कोलस्ट्रम जीवन रक्षक है, जो शिशु को संक्रमण व एलर्जी से बचाता है एवं शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता करता है।

आंकड़े दर्शाते हैं कि हमारे प्रदेश में प्रति वर्ष जन्म लेने वाले 14 लाख बच्चों में से केवल 4.8 लाख बच्चों को ही जन्म के तुरन्त बाद जीवन रक्षक खीस (कोल्सट्रम) मिलता है। बाकी के 9.2 लाख बच्चे इससे वंचित ही रह जाते हैं, यानि हमारे प्रदेश के इतने बच्चे खतरे में हैं और सही समय पर स्तनपान के अभाव में कुपोषण से जूझ रहे हैं।
• प्रदेश में लगभग 80.08 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होते हैं, इनमें से 93.08 शहरी क्षेत्रों में एवं 76.04 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव होते हैं।
• शहरी क्षेत्रों में 42.07 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 38.0 प्रतिशत सिजेरियन होते हैं। संभवतः सिजेरियन प्रसव के बाद जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत नहीं हो पाती है।

इन सबके पीछे कारण कुछ भी हो सकते हैं... नर्सिंग होम में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, परिवार के सदस्य, पति की अज्ञानता; लेकिन सोचिए ये लापरवाही शिशु के स्वास्थ्य को कितने खतरे में डाल देती है!
अत: नवजात शिशु के स्वास्थ्य के प्रति उसके माँ के साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों की भी ज़िम्मेदारी है कि जन्म से एक घंटे के भीतर स्तनपान की शुरुआत कराएं, एक भी बच्चा इस से वंचित न रह पाए।

इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्य प्रदेश इन दिनों "जन्म के पहले घंटे में स्तनपान क्यों नहीं कराया जा रहा है और इसका समाधान क्या होना होना चाहिए?" यह जानने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर आपके विचार जानना चाहता है:
• परिवार के सभी सदस्यों को शिशु के सही समय पर स्तनपान के प्रति जिम्मेदार कैसे बनाएं।
• कितने लोग जानते हैं कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद उसे स्तनपान कराना ज़रूरी है।
• नवजात शिशु कैसा भी हो जन्म के तुरंत बाद उसके लिए माँ का गाढ़ा दूध खीस (कोल्सट्रम) बहुत आवश्यक है।
• समाज में लोगों को इसके प्रति जागरूक कैसे किया जाए।
• नर्सिंग होम को इसके लिए जागरुक कैसे करें।

अपने महत्वपूर्ण विचार व सुझाव mp.mygov.in पर साझा करें। आपका यह योगदान निश्चित ही मध्यप्रदेश को सुपोषित एवं विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।

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33 Record(s) Found

SUBH KARAN CHORADIA 2 weeks 4 days ago

प्रसव कराने वाले डॉक्टर और उसकी टीम की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित कराई जाए की माँ द्वारा बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर ही शिशु को स्तनपान अवश्य करवाया जाए I

SUBH KARAN CHORADIA 2 weeks 4 days ago

नवमी एवं दसवीं कक्षा के सभी बच्चों (आगे जा के वही माँ या बाप बनेगे) को जन्म के तुरन्त बाद एक घंटे के भीतर बच्चे को माँ का पीला, गाढ़ा दूध खीस (कोलोस्ट्रम) की अनिवार्यरूप से पूरी जानकारी देना I

SUBH KARAN CHORADIA 2 weeks 4 days ago

गर्भावस्था के दौरान महिलाको जन्म के तुरन्त बाद एक घंटे के भीतर बच्चे को माँ का पीला, गाढ़ा दूध खीस (कोलोस्ट्रम) के महत्व को गर्भावस्था के दौरानउसकी जांच करने वाले डॉक्टर द्वारा सम्पूर्ण जानकारी देना I

Arti Kumari 2 weeks 4 days ago

My suggestion are as follows:
1) Hospitals are also responsible to train mothers or care taker. They should suggest diet tips for more lactation. Cloudnine Hospitals few other private Hospitals are doing this job.
2) In government Hospitals, I have heard cases like mothers who are lactating more milk they are feeding other baby. It’s kind of humanity which can be shared if someone is not able to feed her baby.
3) More Awareness should be made to Educate people.

MANISH SRIVASTAV 2 weeks 6 days ago

Stanpan maa aur bacche dono keliye atyant hi important hai.Samay se stanpan karane par baccha swastha rahta hai.Usko sare minerals &vitamin mil jate hai.Cities me log jagrook hone ke baad bhi laaparvahi karte hai.Villages me main focus karna apne aap me ek challange hai,phir bhi percentage theek hai ,Social media and students rally ke madhyam se jagrook kar sakte hai.Paper me add aur school van and bus ke madhyam se ,uspar painting karakar kiya ja sakta hai.Books par bhi print ho.

Devendra Baghel 3 weeks 5 hours ago

स्तनपान के लिए लोगो को समय-समय गाॅव,शहर में जागरुकता अभियान लागू करना चाहिए जिससे जीवन को और बेहतर बनाया जा सकता है यह कमी गावो में ज्यादा देखने को मिलती हैं सरकार की कोशिश कॉलेज ,स्कूल में जाकर भी जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए !

The kumar 3 weeks 1 day ago

सही समय पर स्तनपान के लिए लोगो को जितना जागरूक किया जाये बेहतर रहेगा ,,,, हम भी जागरूकता फ़ैलाने की कोसिस करेंगे , i am also news reporter and blogger ,,,, my blog - https://www.hindinetbook.com/find-job-online/

Shekhaamil 3 weeks 2 days ago

स्तनपान की सूचना व जानकारी देने व समझाने के लिए
स्कूल कॉलेज मे पारिवार संमनवयन करके विषय की शुरु
करके हर छात्रों को जानकारी दे सकते हे|

Gajendra Singh 3 weeks 3 days ago

Teacher preparation programmes will be rigorous and will take place in vibrant,
multidisciplinary higher education institutions. The 4-year integrated stage-specific,
subject- specific Bachelor of Education offered at multidisciplinary institutions would be
the predominant way of becoming a teacher. Substandard and dysfunctional teacher
education institutes will be shut down.