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हाथकरघा बुनाई का भविष्य

मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसमें कृषि के पश्चात् सबसे अधिक ...

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मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसमें कृषि के पश्चात् सबसे अधिक रोजगार बुनाई के क्षेत्र में मिलता रहा है। इसमें बुनकर द्वारा वर्ष भर एवं सीजनल आधार पर बुनाई का कार्य किया जाता है। मध्यप्रदेश में 20 वर्ष पूर्व लगभग 60 हज़ार हाथकरघे कार्यशील थे, जो वर्तमान में घटकर लगभग 20 हज़ार के आसपास हैं।

आज के मशीनी युग में बिजली द्वारा चालित एवं पॉवरलूम पर एक हाथकरघा की तुलना में लगभग 8 गुना तक कपड़े का उत्पादन होता है। जिसकी वजह से वर्तमान समय में हाथकरघा बुनाई कला लगातार सिमटती जा रही है।

आखिर क्यों हाथकरघा बुनाई कला हमारे राज्य से विलुप्त होती जा रही है? इस सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के उपाय करने एवं भविष्य में इसे बेहतर बनाने औऱ नागरिकों को इसके प्रति जागरुक करने के लिए संचालनालय,हाथकरघा एवं हस्थशिल्प,मध्य प्रदेश,नागरिकों से अपने महत्वपूर्ण सुझाव/विचार नीचे दिए कमेंट बॉक्स में देने की अपील करता है।

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13 Record(s) Found

Vinod Vaishnav 1 day 18 hours ago

मध्यप्रदेश सरकार को इसके लिए हाथकरघा बुनाई कला अभियान नामक एक कार्यक्रम चलाना चाहिए, जिससे हर कोई नागरिक इस सांस्कृतिक धरोहर का महत्व समझ सके।

Abhishek kurmi 1 week 22 hours ago

Aaj kl bare bare kapra udhogo se kpro ke aapurti ke ja rahi hai jo aadhik manghi hai.
Hastkergha udhogo ko baraba dane ke liye prateyk panchyat mai ek hastkergha udhoge lagana chahia.
Jisse kai berojgar logo ko rojgar prapt hoga avam hastkergha udhoge ko barava milaga

VIJAY KUMAR VISHWAKARMA 1 week 2 days ago

स्कूली बच्चो को नि:शुल्क गणवेश की राशि प्रदान करने की बजाए उन्हें हथकरघा के कपड़े प्रदान किये जाएं तो गांव गांव में नये हथकरघा खुल सकेंगे एवं महिला समूहों के माध्यम से गणवेश सिलाई पर बच्चों को समय पर ड्रेस मिलेगा और ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आय प्राप्त होगी ।

satendra kumar 1 week 6 days ago

एवम उत्पादन कराये

* हथकरघा विभाग में कई सालो से टेक्निकल भर्ती नहीं हुई है जिससे कई पड़े लिखे लोग
संभंधित डिप्लोमा करे आदमी आज बेरोजगार है और ४ से ५ हजार की नौकरी करने के
लिए मजबूर है तो हथकरघा तो अधर में जायेगा ही

हमें इन बिंदुओं पर कार्य करना होगा तभी पुराना स्वरुप बापस आ सकता है ये मेरा एक प्रयास है हथकरघा को फिर से लोगो के सामने लाने का

satendra kumar 1 week 6 days ago

* सर्वप्रथम नए लोगो को इस और आकर्षित करना होगा और मेह्गाई के हिसाब से दरों को
बढ़ाना चाहिए आज बुनकर को दैनिक मजदूरी ५०० रुपया मिलना चाहिए
* सरकारी विभागों में लगने बाले कपडा एवम पुलिस बर्दी को हथकरघा पर उत्पादित करा ना
चाहिए
* हथकरघा पर उत्पादन का कार्य जिला हथकरघा कार्यालो को देना चाहिए जो स्वम धागा
बुनकर को विक्रय करे एवम कपडा जमा करे

satendra kumar 1 week 6 days ago

६. अब मप्र राज्य बुनकर सहकारी संघ मर्यादित को भी बंद किया जा रहा है

७. अब आप ही बताये जो इससे सम्बंधित निगम या संघ जिन्हे बंद करते जा रहे है तो
हथकरघा तो अधर और गुमनामी में खो जायेंगे और जो बचे हथकरघा बो भी एक दिन
बंद हो जायेंगे
७. अगर हथकरघा को दुबारा से पुराने स्वरूप में लाना चाहते है तो सरकार को निम्न बिंदुओं
पर ध्यान देना होगा

satendra kumar 1 week 6 days ago

मध्य प्रदेश राज्य बस्त्र निगम को बंद कर दिया गया वर्ष २००१ में जिससे बहुत बुनकर
जुड़े हुए थे एवम निगम के सारे स्टाफ को स्वेच्छिक सेवा समाप्त कर बहार निकाल दिया
गया जिससे बहुत सारे गरीब बुनकर और निगम कर्मचारी सड़क पर आ गए

५. और हथकरघा का कार्य छीनकर हस्तशिल्प विकाश निगम को दे दिया गया जो की
निगम हथकरघा बस्त्रो में रुझान नहीं रखता उसके पास इसके अलाबा बहुत काम

satendra kumar 1 week 6 days ago

आज हथकरघा बिलुप्त होते जा रहे है ये चिंता का विषय है
१. उचित सुविधाएं न मिलना एवम सरकार द्वारा मेह्गाई के हिसाब से मजदूरी न मिलना
एवम बही पुरानी दरों पर कार्य कराना जिससे बुनकर का जीवन यापन नहीं हो पा रहा है
जिससे बुनकर बुनाई छोड़कर दुसरे कामो को करने के लिए मजबूर हो गया है

२. कई योजनाए सिर्फ कागजो पर चलती है जबकि इनका लाभ बुनकर तक नहीं पहुँचता है

३. पुलिस विभाग द्वारा बर्दी का कपडा हथकरघा पर उत्पादित कराया जाता था जो की
सरकार द्वारा बंद करा दिया गया

JAGDISH PARMAR 2 weeks 1 day ago

सरकार द्वारा उचित प्रशिक्षण न देना व इस व्यवसाय को अन देखा करना कृपया लोगो को सीधे उचित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करे ना कि केवल कागजो व पोर्टल पर

Shivam jain 2 weeks 3 days ago

हथकरघा से मध्यमवर्गीय, निम्नवर्गीय लोगो को रोजगार की संभावना बहुत अधिक हैं।