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Inviting ideas and suggestions for Madhya Pradesh budget 2025-26

Start Date: 19-11-2024
End Date: 15-01-2025

मध्यप्रदेश बजट 2025-26 के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करें ...

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मध्यप्रदेश बजट 2025-26 के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करें

बजट, प्रदेश के सर्वांगीण विकास व आम नागरिकों के खुशहाल जीवन को साकार करने, सतत् विकास की गति बनाये रखने, आधारभूत सुविधाओ का विकास व सभी वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण साधन रहा है।

माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में बजट के माध्यम से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ-साथ, रोजगार के नये अवसर दिये जा रहे है। प्रदेश में शासन एवं उसकी आनुषंगिक संस्थाओं द्वारा एक लाख से अधिक पदों की पूर्ति की जाना लक्षित है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा संकल्पित विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में मध्यप्रदेश भी अपना योगदान देने लिए अग्रसर है तथा इसी तर्ज पर विकसित मध्‍यप्रदेश@2047 का विजन तैयार किया जा रहा है। इन निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति को ध्यान में रखते हुये वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के लिये प्रदेश के बजट को स्वरूप दिया जाना है।

प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों, मार्गदर्शन, प्राथमिकताओं आदि से प्रदेश का बजट, प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में बढ़ाया गया एक और कदम बनेगा। प्रदेश की राजस्व आय में वृध्दि के सुझाव भी बजट को और अधिक लोक कल्याणकारी स्वरूप देने में सहयोग देंगे।

MPMYGov द्वारा आपके सुझाव, मार्गदर्शन आमंत्रित है। कृपया सुझाव दिनांक 15 जनवरी, 2025 तक उपलब्‍ध करावें। सुझावों के साथ अपना नाम, शहर, जिला, पिनकोड एवं मोबाइल नं. भी अंकित करे ।

मुख्य क्षेत्र :-
1. हरित ऊर्जा जैसे बायो गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित करने हेतु संभावित स्‍थलों के संबंध में सुझाव
2. विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में गुणात्‍मक सुधार जैसे-स्‍मार्ट मीटर, एव्‍हरेज बिल की जगह एक्‍च्‍युअल बिल, विद्युत के पुराने तारों के स्‍थान पर केबल तार स्‍थापित करने, सडकों के मध्‍य आने वाले पोल को प्रतिस्‍थापित करने, अस्‍थाई विद्युत कनेक्‍शनों को स्‍थाई विद्युत कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने हेतु तथ्‍यात्‍मक सुझाव
3. परिवहन के क्षेत्र में गुणात्‍म‍क सुधार हेतु सडकों (जिला मार्ग, राज्‍य मार्ग एवं अन्‍तर्राज्यीय मार्ग) के विकास हेतु तथ्‍यात्‍मक सुझाव एवं ई-परिवहन को बढावा देने हेतु सुझाव/विचार/प्रस्‍ताव
4. ग्रामीण विकास हेतु परंपरागत व्‍यवसायों के पुनर्रुध्‍दार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍वच्‍छता, पेयजल एवं अधोसंरचनात्‍मक विकास हेतु तथ्‍यात्‍मक सुझाव
5. गौ-वंश के संवर्धन, सरंक्षण एवं गौचारण भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त कराने हेतु सुझाव।
6. मत्‍स्‍य विकास, मुर्गीपालन, दुग्‍ध उत्‍पादन, कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्‍करण को बढावा देने हेतु उत्‍पादन एवं निर्यात के संबंध में सुझाव
7. प्रदेश में प्रवाहित समस्‍त नदियों एवं जल स्‍त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्‍दार हेतु सुझाव।
8. प्रदेश के वनों, वन्‍य जीवों तथा जैव-विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्‍दार तथा वन ग्रामों में निवासरत जन जीवन की मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु सुझाव।
9. स्‍थानीय पर्यटन को बढावा दिये जाने हेतु मध्‍यप्रदेश में स्थित धार्मिक, नैसर्गिक (प्राकृतिक), ऐतिहासिक धरोहरों/स्‍थलों के विकास हेतु तथ्‍यात्‍मक सुझाव
10. शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचनात्‍मक विकास हेतु सरकार के अतिरिक्‍त आम जनों के द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्‍त किये जाने हेतु सुझाव
11. रोजगार एवं उद्योग के क्षेत्र में गुणात्‍मक सुधार हेतु क्षेत्र विशेष जैसे- जिला, ब्‍लॉक, नगर, ग्राम आदि में स्‍थापित किये जा सकने वाले उद्योग (निर्माण उद्योग, खाद्य प्रसंस्‍करण, कृषि उद्योग एवं फर्नीचर उद्योग, कुटीर एवं हथकरघा, टेक्‍सटाई‍ल, खिलौना, स्‍टेशनरी, गृह निर्माण सामग्री, वनोपज प्रसंस्‍करण, औषधि निर्माण आदि)
12. वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत एक जिला एक उत्‍पाद के लिए स्‍थानीय उत्‍पादों के उत्‍पादन एवं निर्यात हेतु सुझाव
13. प्रदेश के पुराने शहरों में सड़को/गलियारों के चौड़ीकरण, ऐतिहासिक व पुरानें बाजारों के पुनर्विकास एवं अतिक्रमण/झुग्गी मुक्‍त शहरों की परिकल्‍पना हेतु सुझाव
14. सड़क, पुल, पार्कों एवं अन्य अधोसंरचनात्‍मक विकास हेतु सुझाव।
15. जन स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव
16. महिला एवं बाल विकास से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव
17. सामाजिक सुधार जैसे- दिव्‍यांगजन/भिखारियों/आवासहीन/बेसहारा जनों आदि के कल्‍याण हेतु सुझाव
18. राजस्व संग्रहण को बढावा देने हेतु सुझाव
19. प्रशासनिक सुधार से संबंधित सुझाव
20. अन्य महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित सुझाव

आप निम्न माध्यम से अपना सुझाव दे सकते हैं:-
1. MPMyGov Portal
2. Toll free no.: 0755-2700800
3. Email id: budget.mp@mp.gov.in
4. डाक से पत्राचार हेतु पता:
संचालक बजट
वित्‍तीय प्रबंध सूचना प्रणाली
218-एच, द्वितीय तल, वित्‍त विभाग, मंत्रालय,
भोपाल, मध्‍यप्रदेश 462004  

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1102 Record(s) Found

Yash Rawat 1 year 1 month ago

1. इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार: सभी पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़कों, स्वच्छता सुविधाओं, और पर्यटकों की सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
2. प्रमोशन और मार्केटिंग: डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया कैंपेन, और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेलों में मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

ऐतिहासिक धरोहरों का विकास
ग्वालियर किला: इस ऐतिहासिक किले को संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए साउंड एंड लाइट शो और मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन की व्यवस्था करनी चाहिए। यहां पर ऐतिहासिक कैफे और साड़ी की दुकानों का विकास किया जाना चाहिए।
स्थानीय समुदाय का सहभाग: स्थानीय समुदाय को पर्यटन विकास में शामिल करना आवश्यक है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी होगा।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

ऐतिहासिक धरोहरों का विकास
1. खजुराहो: यहां के मंदिरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, बेहतर यातायात सुविधाएं, और मल्टीमीडिया गाइड की व्यवस्था की जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष टूर पैकेज भी विकसित किए जा सकते हैं।
2. मांडू: इस ऐतिहासिक स्थल को बेहतर सड़कों, आवास सुविधाओं और इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से विकसित किया जाना चाहिए। स्थानीय कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए शिल्प मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकता है।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

नैसर्गिक (प्राकृतिक) स्थलों का विकास
साँची स्तूप: ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां पर पर्यटकों के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, बेहतर यातायात सुविधाएं, और पर्यटकों की सुरक्षा हेतु व्यवस्थाओं का सुधार करना चाहिए।
कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान: यहां पर पर्यटकों के लिए ईको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स और लॉज की स्थापना की जानी चाहिए। वन्यजीव सफारी के साथ-साथ इको-टूरिज्म के अन्य उपायों को भी अपनाना चाहिए।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

नैसर्गिक (प्राकृतिक) स्थलों का विकास
1. **पचमढ़ी**: यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग और नेचर ट्रेल्स की सुविधा विकसित की जानी चाहिए। स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में जानकारी देने के लिए नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की जा सकती है।
2. **भीमबेटका**: इस प्राचीन गुफा स्थल को बेहतर सुरक्षा और संरक्षा उपायों के साथ विकसित किया जाना चाहिए। पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर और वर्चुअल रियलिटी अनुभवों की व्यवस्था की जानी चाहिए।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

धार्मिक स्थलों का विकास
धार्मिक स्थलों का विकास
1. **ओंकारेश्वर**: मंदिर के चारों ओर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट किया जाना चाहिए। पवित्र नदी नर्मदा के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग और अन्य जल क्रीड़ा गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
2. **उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर**: यहां पर महाकाल कॉरिडोर का विस्तार, बेहतर सड़कों और आवास सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए। पर्यटकों के लिए डिजिटल गाइड और मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

1. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग:
o राज्य सरकार की ओर से एक ई-कॉमर्स पोर्टल विकसित किया जाए, जहां प्रत्येक जिले के उत्पाद उपलब्ध हों।
o अमेज़न, फ्लिपकार्ट, और अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी कर स्थानीय उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दिया जाए।
2. क्लस्टर आधारित विकास:
o जिलों में उत्पाद आधारित क्लस्टर विकसित किए जाएं, जहां उत्पादन, प्रोसेसिंग, और मार्केटिंग के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।
o सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को इन क्लस्टर्स के तहत एकीकृत किया जाए।

Yash Rawat 1 year 1 month ago

"वोकल फॉर लोकल" और "एक जिला एक उत्पाद" योजना के तहत स्थानीय उत्पादों के लिए ब्रांडिंग और प्रमोशन करे।
o "एक जिला एक उत्पाद" योजना के तहत प्रत्येक उत्पाद के लिए ब्रांडिंग और पैकेजिंग मानक विकसित किए जाएं।
o डिजिटल और पारंपरिक माध्यमों के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार किया जाए।
o राज्य स्तर पर "मध्यप्रदेश लोकल फेस्टिवल" जैसे आयोजन किए जाएं, जहां विभिन्न जिलों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए।

Harishpanwar 1 year 1 month ago

OBC को 27% आरक्षण कब दिया जाएगा और OBC के 13% पद अनहॉल्ड कब किए जायेंगे। साथ ही पटवारी भर्ती फर्जीवाड़ा जांच रिपोर्ट। वन रक्षक जेल प्रहरी और ITI परीक्षा की जांच कब होगी। और ITI में अतिथियों को रखने के बजाए वेटिंग वालो को नियुक्ति दी जाए। और आगामी भर्ती में कम से कम 2000 पदो पर भर्ती दी जाए