मध्यप्रदेश बजट 2025-26 के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करें
बजट, प्रदेश के सर्वांगीण विकास व आम नागरिकों के खुशहाल जीवन को साकार करने, सतत् विकास की गति बनाये रखने, आधारभूत सुविधाओ का विकास व सभी वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण साधन रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में बजट के माध्यम से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ-साथ, रोजगार के नये अवसर दिये जा रहे है। प्रदेश में शासन एवं उसकी आनुषंगिक संस्थाओं द्वारा एक लाख से अधिक पदों की पूर्ति की जाना लक्षित है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा संकल्पित विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में मध्यप्रदेश भी अपना योगदान देने लिए अग्रसर है तथा इसी तर्ज पर विकसित मध्यप्रदेश@2047 का विजन तैयार किया जा रहा है। इन निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति को ध्यान में रखते हुये वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये प्रदेश के बजट को स्वरूप दिया जाना है।
प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों से प्राप्त सुझावों, मार्गदर्शन, प्राथमिकताओं आदि से प्रदेश का बजट, प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में बढ़ाया गया एक और कदम बनेगा। प्रदेश की राजस्व आय में वृध्दि के सुझाव भी बजट को और अधिक लोक कल्याणकारी स्वरूप देने में सहयोग देंगे।
MPMYGov द्वारा आपके सुझाव, मार्गदर्शन आमंत्रित है। कृपया सुझाव दिनांक 15 जनवरी, 2025 तक उपलब्ध करावें। सुझावों के साथ अपना नाम, शहर, जिला, पिनकोड एवं मोबाइल नं. भी अंकित करे ।
मुख्य क्षेत्र :-
1. हरित ऊर्जा जैसे बायो गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु संभावित स्थलों के संबंध में सुझाव
2. विद्युत ऊर्जा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार जैसे-स्मार्ट मीटर, एव्हरेज बिल की जगह एक्च्युअल बिल, विद्युत के पुराने तारों के स्थान पर केबल तार स्थापित करने, सडकों के मध्य आने वाले पोल को प्रतिस्थापित करने, अस्थाई विद्युत कनेक्शनों को स्थाई विद्युत कनेक्शनों में परिवर्तित करने हेतु तथ्यात्मक सुझाव
3. परिवहन के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु सडकों (जिला मार्ग, राज्य मार्ग एवं अन्तर्राज्यीय मार्ग) के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव एवं ई-परिवहन को बढावा देने हेतु सुझाव/विचार/प्रस्ताव
4. ग्रामीण विकास हेतु परंपरागत व्यवसायों के पुनर्रुध्दार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल एवं अधोसंरचनात्मक विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव
5. गौ-वंश के संवर्धन, सरंक्षण एवं गौचारण भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु सुझाव।
6. मत्स्य विकास, मुर्गीपालन, दुग्ध उत्पादन, कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण को बढावा देने हेतु उत्पादन एवं निर्यात के संबंध में सुझाव
7. प्रदेश में प्रवाहित समस्त नदियों एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार हेतु सुझाव।
8. प्रदेश के वनों, वन्य जीवों तथा जैव-विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्रुध्दार तथा वन ग्रामों में निवासरत जन जीवन की मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु सुझाव।
9. स्थानीय पर्यटन को बढावा दिये जाने हेतु मध्यप्रदेश में स्थित धार्मिक, नैसर्गिक (प्राकृतिक), ऐतिहासिक धरोहरों/स्थलों के विकास हेतु तथ्यात्मक सुझाव
10. शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सरकार के अतिरिक्त आम जनों के द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु सुझाव
11. रोजगार एवं उद्योग के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हेतु क्षेत्र विशेष जैसे- जिला, ब्लॉक, नगर, ग्राम आदि में स्थापित किये जा सकने वाले उद्योग (निर्माण उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उद्योग एवं फर्नीचर उद्योग, कुटीर एवं हथकरघा, टेक्सटाईल, खिलौना, स्टेशनरी, गृह निर्माण सामग्री, वनोपज प्रसंस्करण, औषधि निर्माण आदि)
12. वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद के लिए स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं निर्यात हेतु सुझाव
13. प्रदेश के पुराने शहरों में सड़को/गलियारों के चौड़ीकरण, ऐतिहासिक व पुरानें बाजारों के पुनर्विकास एवं अतिक्रमण/झुग्गी मुक्त शहरों की परिकल्पना हेतु सुझाव
14. सड़क, पुल, पार्कों एवं अन्य अधोसंरचनात्मक विकास हेतु सुझाव।
15. जन स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव
16. महिला एवं बाल विकास से संबंधित क्षेत्रों पर सुझाव
17. सामाजिक सुधार जैसे- दिव्यांगजन/भिखारियों/आवासहीन/बेसहारा जनों आदि के कल्याण हेतु सुझाव
18. राजस्व संग्रहण को बढावा देने हेतु सुझाव
19. प्रशासनिक सुधार से संबंधित सुझाव
20. अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित सुझाव
आप निम्न माध्यम से अपना सुझाव दे सकते हैं:-
1. MPMyGov Portal
2. Toll free no.: 0755-2700800
3. Email id: budget.mp@mp.gov.in
4. डाक से पत्राचार हेतु पता:
संचालक बजट
वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली
218-एच, द्वितीय तल, वित्त विभाग, मंत्रालय,
भोपाल, मध्यप्रदेश 462004
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
लोक प्रशासन सुधार के पांच सिद्धांत क्या हैं?
"इन सिद्धांतों में पारदर्शिता और जवाबदेही, भागीदारी और बहुलवाद, सहायकता, दक्षता और प्रभावशीलता तथा सेवाओं तक समानता और पहुंच शामिल होनी चाहिए।"
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
केंद्र राज्य संबंधों की सिफारिश किस समिति ने की थी?
सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं। इस लेख में, आप यूपीएससी परीक्षा के लिए सरकारिया आयोग और इसकी सिफारिशों के बारे में सब कुछ जान सकते हैं।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
हमें प्रशासनिक कानून की आवश्यकता क्यों है?
प्रशासनिक कानून का एक प्रमुख उद्देश्य कुशल, किफायती और न्यायपूर्ण प्रशासन सुनिश्चित करना है। प्रशासनिक कानून की एक प्रणाली जो प्रशासन को बाधित या निराश करती है, वह स्पष्ट रूप से खराब होगी और इसी तरह, एक ऐसी प्रणाली भी खराब होगी जो व्यक्ति के साथ अन्याय करती है।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
प्रशासनिक विधि के स्रोत क्या हैं?
प्रशासनिक कानून के तीन मुख्य स्रोत कार्यकारी शाखा, विधायी शाखा और न्यायिक शाखा हैं। इनमें से प्रत्येक शाखा द्वारा बनाए गए कानून उनके अधिकार के तहत बनाई गई नौकरशाही एजेंसियों द्वारा बनाए गए नियमों को प्रभावित करते हैं।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
सुशासन विकास क्या है?
सुशासन का लक्ष्य आर्थिक तथा वित्तीय संसाधनों या लोक सेवाओं के सक्षम प्रबंधन से कहीं अधिक व्यापक होता है। यह सरकार को अधिक खुला, जिम्मेदार, पारदर्शी, लोकतांत्रिक तथा संवेदनशील बनाने के साथ-साथ नागरिक समाज संगठनों को मजबूत, तथा निजी क्षेत्र को नियमित करने वाली एक व्यापक सुधार नीति है।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
प्रशासनिक कार्य क्या होते हैं?
प्रशासनिक कार्यों में किसी व्यावसायिक कार्यालय को बनाए रखने और व्यवस्थित करने के प्रयासों की एक बहुत व्यापक श्रृंखला शामिल होती है, चाहे वह डिजिटल हो या भौतिक। इन कार्यों में फोन, ईमेल, कैलेंडर प्रबंधन, आंतरिक संचार, रिपोर्ट तैयार करना, कार्यालय उपकरण और कार्यालय आपूर्ति का रखरखाव और कुछ मानव संसाधन कार्य शामिल हैं।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
प्रशासनिक आधार पर कितने प्रकार के होते हैं?
प्रशासनिक आधार पर वन तीन प्रकार के होते हैं:-
आरक्षित वन, संरक्षित वन और अवर्गीकृत वन।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
मुगल सम्राट अकबर के मुख्य प्रशासनिक सुधार क्या हैं?
प्रशासन का केंद्रीकरण:- अकबर ने प्रशासनिक शक्ति के केंद्रीकरण की पहल की। उन्होंने एक ऐसी प्रणाली लागू करके कुलीन वर्ग के प्रभाव को कम किया, जिसमें सभी निर्णय और नीतियाँ केंद्रीय प्राधिकरण, यानी सम्राट से निकलती थीं।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
अकबर के द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधार?
अकबर के सुधारों के लिए एक केंद्रीकृत वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता थी और इस प्रकार, प्रत्येक प्रांतीय गवर्नर
( सूबेदार, जिसे बाद में नवाब कहा गया) को एक नागरिक प्रशासक नियुक्त किया गया (दीवान या दीवान) जो राजस्व संग्रह की निगरानी करता था, खाते तैयार करता था और सीधे सम्राट को रिपोर्ट करता था।
BrahmDevYadav 1 year 2 months ago
प्रशासन की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
संक्षेप में, भारतीय प्रशासन की प्रमुख विशेषताएं इसकी संघीय और लोकतांत्रिक संरचना, नियमबद्ध सिविल सेवाएं, स्थानीय शासन का प्रावधान तथा कल्याण और विकासात्मक दोनों प्रकार की नीतियों का मिश्रण हैं।