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Suggest for MP Budget 2022

Start Date: 03-01-2022
End Date: 24-01-2022

जनता की सहभागिता से तैयार जनता का बजट

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जनता की सहभागिता से तैयार जनता का बजट

एक उन्नत और सफल राज्य स्थापित करने में बजट का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सुनियोजित बजट प्रदेश की सफलता में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है। बजट द्वारा राज्य शासन की नीतियां को योजनाओं के माध्यम से गति प्रदान की जाती है, जिससे योजनाओं का लाभ आम जनता को प्रदान किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह का भी मानना है कि बजट केवल आय-व्यय का ब्योरा नहीं है, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम है। समृद्ध और विकसित मध्य प्रदेश का निर्माण बजट के माध्यम से ही होता है। आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति हमारे बजट का उद्देश्य है। बजट बनाने के लिए सरकार विशेषज्ञों से भी राय लेती है लेकिन मुख्यमंत्री का मानना है कि जनता से बड़ा विशेषज्ञ कोई नहीं है। इसलिए उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 2022-23 के बजट के लिए कोई सुझाव हो, तो वह mp.mygov.in के माध्यम से भेजें। जनता के हर एक सुझाव का अध्ययन किया जाएगा और जो प्रस्ताव स्वीकार किए जा सकेंगे, वह जरूर बजट में जोड़ने का प्रयास होगा।

कृपया अपने सुझाव 24 जनवरी 2022 तक साझा करें।

आप अपने सुझावों के साथ अपना नाम, शहर, जिला और पिनकोड अवश्य लिखें।

आप निम्न माध्यम से अपना सुझाव दे सकते हैं:-
1. MPMyGov Portal
2. Email id: budget.mp@mp.gov.in(link sends e-mail)
3. डाक / कुरियर के माध्यम से
पता:
संचालक, बजट
वित्तीय प्रबंध सूचना प्रणाली
218-एच, द्वितीय तल, वित्त विभाग, मंत्रालय
भोपाल, मध्यप्रदेश 462004
Address:
Financial Management Information System,
Finance Department
218-H, Second Floor, Mantralaya, Bhopal
Pin Code 462 004
4. Toll free number - 0755-2700800

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Aaradhnasingh 5 hours 55 min ago

माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि व्यवसायिक शिक्षा को आउट सोर्स से हटाकर अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी विभाग में मर्ज किया जाए और हम पांच से 6 वर्षों से लगातार एक ही वेतन पर कार्य कर रहे हैं तो हमारा वेतन बढ़ाया जाए

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Aaradhnasingh 5 hours 58 min ago

व्यावमुख्यमंत्री जी से निवेदन हे की अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में b राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी आउट्सर्स से हटा कर विभाग में मर्ज किया जाए ओर वेतन बढ़ा जाए 5से 6वर्षो से एक ही वेतन पर कार्य कर रहे है

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Ishwar Singh solanki 6 hours 28 min ago

15 वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण किया जाये
जिससे करोडो रूपया बचाया जा सकता हे
ये पैसा अन्य विकास कार्यो मे लगाया जा सकता है
इससे अतिथि शिक्षकों की मांग भी पुरी हो जायेगी
शिक्षा की गुणवत्ता भी बढ़ेगी

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SurendrasinghRathore 7 hours 13 min ago

आदरणीय मुख्यमंत्री जी झाबुआ जिले की पेटलावाद तहसील को रतलाम से जोड़ने वाली टेमरिया-करवड़ पूरा जर्जर हो गया। है यह पेटलावद को रतलाम से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रोड़ है इस रोड़ पर रतलाम से पेटलावद झाबुआ अलिराजपुर ,गुजरात आने जाने वाले सैकड़ो वाहन आवागमन करते है। यह 6km रोड़ Pwd के अधीन है जिसे MPRDCA को हस्तांतरित कर 2 लेन मे 7मीटर चौडाई का नया रोड़ निर्माण करवा दीजिए । साथ ही इस रोड़ पर नदी मे रपट है वहाँ पुल का निर्माण करवा दीजिए।

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SurendrasinghRathore 7 hours 14 min ago

अतिथि शिक्षकों का 12-13 सालो से शोषण जारी है 70 हजार अतिथि शिक्षक जो कई सालो से अल्पवेतन मे ईमानदारी से निषठापूर्वक स्कूलों मे अध्यापन कराकर बच्चों का भविष्य बना रहे है। इन सभी का नियमितीकरण कर दीजिये। नही तो 70 हजार परिवार के भविष्य मे अंधकार मे चला जाएगा।

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ABHISHEK BAKODE 7 hours 48 min ago

There is a need to imThere is a need to improve IT budget for assets and empowerment of present block level IT staff, so that they can resolve complaints of residents by coordinating with the other departments. Empowering them with eligible reputation(like govt. class officers) and adding more powers will definitely result speeding complaint redressal.

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ABHISHEK BAKODE 7 hours 52 min ago

सबसे महत्वपूर्ण कार्य पेपरलेस प्रणाली को शुरू किया जाना आवश्यक है, इस कार्य के लिए बजट में प्रावधान किया जाना सुनिश्चित करें जिससे नागरिकों को त्वरित सेवाएं प्रदान किया जा सके,
तहसील स्तर पर उच्च स्पीड VC रूम बनाया जाए जिससे अधिकारी तहसील में रहकर बैठक में उपस्थित हो सकें।

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Bhagirath Prajapati 8 hours 37 min ago

माननीय मुख्यमंत्री जी,
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा को स्कूल स्तर पर संचालित करने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षक प्राइवेट कंपनी के माध्यम से एक आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि सभी व्यवसायिक प्रशिक्षक को शिक्षा विभाग में समिल्लित किया जाए एवं नियमितीकरण पर विचार किया जाए।

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JitendraParmar 9 hours 12 min ago

एक व्यक्ति से लेकर देश तक आज के युग में सबसे महत्वपूर्ण हे रोजगार- फैक्ट्री,प्रोडक्शन, व्यापार, सेवा आदि हर क्षेत्र में अगर एमपी में कोई बेरोजगार न रहे s ऐसी पारदर्शी फंडिंग हो, इसके लिए अनुभवी शिक्षा की पद्धति और व्यापार धंधे का संयोग हो तो 2 साल में एमपी एडवांस डेवलप्ड स्टेट की श्रेणी से भी ऊपर आ सकता है। धन्यवाद।

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PrakashYadav 9 hours 34 min ago

व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश के 1213 शासकीय स्कूलों में संचालित हैं जिसमें 2575 प्रशिक्षक एवं आउट सोर्स के माध्यम से लगभग 34 कोऑर्डिनेटर कार्यरत हैं, इन आउट सोर्स कंपनियों के कमीशन और कोऑर्डिनेटरो के वेतन दोनों मिलाकर लगभग 10 करोड 29 लाख ₹ व्यर्थ व्यवसायिक शिक्षा में खर्च किया जा रहा है महोदय व्यवसायिक शिक्षा विभाग के माध्यम से संचालित कर यह सारा रुपैया व्यवसायिक शिक्षा के और अधिक क्रियान्वयन में खर्च किया जाए