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बाढ़ के समय बचाव कार्य में नागरिक किस तरह से सहयोग कर सकते हैं

Start Date: 17-08-2020
End Date: 07-09-2020
आप हमें बताएं कि- 1. बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय किस तरह के सुरक्षात्मक उपाय किये जाने चाहिए? 2. बाढ़ के समय बचाव कार्य में नागरिक किस तरह से सहयोग कर सकते हैं?
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Ankit Soni 8 months 2 weeks ago

हमे पहले ये सुनि्चित कर लेना चाहिए कि किन इलाको में बाढ़ आने की संभावनाएं है और किन किं नदियों का उग्र रूप हो सकता है उन्हें मार्क कर वहां तकनीकि विकास करे जैसे केनाल को बनाए , नदी के तीव्र प्रवाह को रोकने के लिए अवरोधक संयंत्र लगाए,नदियों के पास अधिक से अधिक पेड़ लगाए ,वर्षा से पूर्व
ही सारे नदी,नालो के जल निकासी द्वार को साफ करवाया जाए ।बाढ़ की स्थिति बनने पर जन हानि को रोकने के लिए उनकी सुरक्षा एवं पोषण को पूर्व ही निर्धारित किया जावे । गावो में कुछ उचे स्थनों को चिंहित कर वहां निर्माण।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

कृषि

2 हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमिधारक कृषकों को सहायता कृषि योग्य भूमि का डिसिल्टिंग (जहाँ बालू/सिल्ट का जमाव 3 इंच से अधिक हो और सक्षम पदाधिकारी द्वारा सत्यापित हो) और सरकार के किसी अन्य योजना या सब्सिडी न प्राप्त करने के योग्य हो या पा लिया हो- 12,200 प्रति हेक्टेयर प्रत्येक मद में।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

प्रभावित क्षेत्र की सफाई

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की में मलबे की सफाई, बाढ़ के पानी की निकासी, मानव व मृत पशुओं के शवों का निष्पादन भी सरकार द्वारा होता है।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

खोज एवं बचाव कार्य

सरकार सभी बाढ़ या आपदा में फँसे व्यक्तियों को नाव व बचाव दल के द्वारा खोज व बचाव कार्य करेगी इसके लिये नार्वे, नाविक, खोजी व रक्षादल की तैनाती भी सरकार द्वारा होता है। कोई खर्च पीड़ित को नहीं देना होगा।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

शौचालय व स्वच्छता : 30 व्यक्तियों पर एक शौचालय की व्यवस्था की जायेगी। महिला, बच्चों के लिये अलग शौचालय व स्नानागार होगा। हाथ धोने व सफाई की पूरी व्यवस्था होगी। साबुन, डिटर्जेन्ट, फिनाइल की व्यवस्था होगी। सेनिटरी नैपकिन, डिग्नीटी किट्स उपलब्ध कराने के बारे में भी कहा गया है। दूरी 50 मीटर से अधिक नहीं होगी। गन्दगी प्रवाहित होने वाली नालियाँ भूगर्भीय व जलस्रोतों से दूर होगी। शौचालयों के पीट भी भूगर्भीय जलस्रोत से 30 मीटर की दूरी पर होगा।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

पेयजल : हाथ धोने व अन्य कार्य छोड़कर पेयजल के रूप में कम-से-कम 3 लीटर साफ पानी प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध कराया जायेगा। स्वच्छता की स्थिति नहीं रहने पर उसकी मात्रा दोगुनी होगी। नहाने व शौचालय में कम-से-कम 15 लीटर पानी की व्यवस्था की जाएगी। टेप पेय जलस्रोतों की दूरी 500 मीटर तक ही होगी।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

बच्चों के लिये दूध-5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिये दो समय दूध की व्यवस्था होगी। दुग्ध, डेयरी उत्पादों, भोजन सामग्री में प्रयुक्त डिब्बाबन्द पदार्थों के एक्सपायरी का विशेष ध्यान रखना है। भोजन बनाने के कार्य में लगने वाले शिविर के व्यक्ति को उसका पारिश्रमिक का भुगतान तय दर से किया जाएगा।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

भोजन : सभी को दोनों समय पका हुआ पौष्टिक भोजन दिया जायेगा। प्रत्येक व्यक्ति वयस्क 500 ग्राम, अवयस्क 200 ग्राम चावल, 100 ग्राम दाल, 200 ग्राम आलू व अन्य सामग्री होनी चाहिए। प्रत्येक पुरुष/महिला 2400 किलो कैलोरी व बच्चों के लिये 1700 किलो कैलोरी निर्धारित है। बासी भोजन का इस्तेमाल नहीं होगा।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

राहत शिविरों में शरण स्थल : राहत शिविरों में सभी लोगों के लिये कम-से-कम 3.5 वर्ग मीटर ढका हुआ प्रकाशित क्षेत्र होना चाहिए। जिसमें सुरक्षा, निजता खासकर महिलाओं, विधवा, विकलांग की होनी चाहिए। दरी चटाई की व्यवस्था की जायेगी। रोशनी के लिये भाड़े के जेनरेटर की व्यवस्था भी करने का प्रावधान है।

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Bhawna 8 months 3 weeks ago

राहत कार्य शिविर की व्यवस्था

राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सभी प्रकार की आपदाओं के दौरान स्थापित किये जाने वाले राहत शिविरों में आपदा पीड़ितों के लिये शरण स्थल, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा एवं स्वच्छता के सम्बन्ध में निर्धारित न्यूनतम मानदर तय किया है। साथ ही इसके सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वाद संख्या 444/2013 में आये निर्देश के आलोक में बिहार आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा पत्रांक 1202 दिनांक 17.03.16 द्वारा मानदर निर्धारित किया गया है। जो निम्न है-