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Inviting ideas and suggestions for Madhya Pradesh Krishi Varsh 2026

Start Date: 30-01-2026
End Date: 15-02-2026

मध्यप्रदेश कृषि वर्ष 2026- कृषि के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव, ...

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मध्यप्रदेश कृषि वर्ष 2026- कृषि के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव, अनुभव एवं प्रतिक्रियाएँ साझा करें

माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत कृषि के समग्र विकास हेतु 10 प्रमुख आयामों पर केंद्रित गतिविधियाँ एवं नवाचारात्मक प्रयास प्रस्तावित हैं। सभी नागरिकों, बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों, कृषकों तथा छात्र–छात्राओं से सादर अपील है कि वे इन 10 आयामों अथवा कृषि विकास से संबंधित अपने सुझाव, अनुभव एवं प्रतिक्रियाएँ अधिकतम 250 शब्दों में साझा करें।

समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश विकास का 10-दिशात्मक मॉडल

1. किसान आय वृद्धि एवं अपव्यय में कमी
2. प्राकृतिक एवं जैविक कृषि
3. जल, मृदा एवं कृषि आदान का अनुकूलन
4. जलवायु, ऊर्जा एवं सततता
5. मूल्य श्रृंखला, बाज़ार एवं किसान हिस्सेदारी
6. निर्यात, ब्रांडिंग एवं वैश्विक उपस्थिति
7. अनुसंधान, नवाचार एवं सशक्तिकरण
8. विरासत, संस्कृति एवं सॉफ्ट ब्रांडिंग
9. शासन, डिजिटल व्यवस्था एवं पारदर्शिता
10. Projects – Transforming Agriculture

इन 10 आयामों अथवा कृषि विकास से संबंधित अपने सुझाव, अनुभव एवं प्रतिक्रियाएँ अधिकतम 250 शब्दों में साझा करें। आपके सुझाव, अनुभव एवं प्रतिक्रियाएँ कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध, टिकाऊ एवं किसानोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

सुझावों के साथ अपना नाम, पूरा पता गाँव/शहर, जिला, पिनकोड एवं मोबाइल नं. भी अंकित करें।

आपके सुझाव, अनुभव एवं प्रतिक्रियाएँ नीचे कमेन्ट बॉक्स में साझा करें।

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134 Record(s) Found

user_401871 1 week 4 hours ago

मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ, प्रदेश के समस्त कृषि विस्तार अधिकारियों की ओर से शासन के समक्ष ये सुझाव रखता है कि सर्वप्रथम कृषि विभाग में मैदानी अमले के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करे जिससे अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के दवाब के कारण कार्य कुशलता को प्रभावित किए बिना कृषि क्षेत्र में विकास सुनिश्चित किया जा सके,
कृषि विस्तार अधिकारी केंद्रों पर न ही मुख्यालय की व्यवस्था है न ही आवास की, इस स्थिति में कृषि विस्तार अधिकारियों का मुख्यालय पर कार्य कर पाना संभव नहीं है,

Anurag Patel 1 week 6 hours ago

1.कृषि विभाग में अधिकारियों की कमी को पूर्ण करने के लिए उच्च पद का प्रभार तथा प्रभार अवधि की वरिष्ठता दी जानी चाहिए। इससे युवा अधिकारियों के मनोबल एवं कार्य क्षमता में वृद्धि होगी तथा शासन के कार्यों को गति मिलेगी।।
2. सामान्य प्रशासन,वित्त विभाग, गृह विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों की भर्ती के नियमों को (वरिष्ठ एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान) कृषि विभाग में लागू किए जाने से पदोन्नति की समस्या का समाधान हो सकेगा ।
4.कृषि अधिकारियों को पांच स्तरीय वेतनमान(8/8/8/8वर्ष)दिए जाने से समानता स्थापित होगी

Harendra 1 week 6 hours ago

To give a new direction to agriculture and increase the income of farmers, the government should formulate a scheme which has the concept of one village, one industry. Every village should have a unit for the crops grown there, in which farmers can process their produce and sell it in the market, which will give them more profit. https://wildvitamin.com

Banap Singh Verma 1 week 7 hours ago

कृषि तकनीकी के प्रभावी हस्तानांतरण व कृषि योजनाओं की सफलता के लिए ADAविकासखंड स्तर पर पदस्थापना जाए।
कृषि अधिकारियों को SAS की तर्ज पर five Pay Scal 5 वर्षों के अंतर पर दिया जाए।
विकासखंड स्तर पर कृषि तकनीकी सलाह व Diagnostic Centre स्थापित किया जाए।
फील्ड में Agri Diagnostic Team mibolity लिए विकासखंड पर वाहन की व्यवस्था होना चाहिए।
वरिष्ठता के आधार पर उच्च पद प्रभार दिया जाए।
कृषि व उद्यानिकी विभाग एकीकृत किए जाए।
कृषि सहगामी संस्था/निगम/बोर्ड में कृषि अधिकारियों को डेपुटेशन पर भेजे।

ArunPratap Singh 1 week 9 hours ago

मध्‍यप्रदेश राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड (मण्‍डी बोर्ड) म.प्र. भोपाल के अधिकारियों/कर्मचारियों को संलग्‍न आदेश दिनांक 09.02.2026 के द्वारा उच्‍च पद का प्रभार दिया गया है। संचालनालय किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास म.प्र. भोपाल अंतर्गत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी मण्‍डी बोर्ड म.प्र. भोपाल की भॉंति वरिष्‍ठता के आधार पर उच्‍च पद का प्रभार दिये जाने का सुझााव है। इस कार्यवाही से अधिकारियों एवं कर्मचारियों में व्‍याप्‍त हुआ असंतोष समाप्‍त होगा। इससे विभाग में नवीन ऊर्जा का संचार होगा ।

imran ansari 1 week 10 hours ago

Dear Sir,
Kindly find the below attached pdf document regarding the allocation of subsidy schemes for tissue culture sugarcane plants to the sugarcane farmers of M.P. under National food security and nutrition mission.

Best Regards
Abhay Sachdev
(Director)
Sachdev Tissue culture Lab and
Nursery Damoh, M.P.

IAXXXXXXGI 1 week 12 hours ago

दलहनी एवं तिलहनी फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य का लाभ कृषकों को पहुचानें हेतु खाद्य विभाग की भॉति कृषि विभाग में भी उपार्जन हेतु PMU का गठन किये जाने का सुझाव हैं, जिससे त्‍वरित गति के साथ उपार्जन कार्य का संपादन संभव हो सकें।

Dr. C.L. Gour 1 week 12 hours ago

मध्यप्रदेश सोयाबीन, गेहूं, चना, दालें एवं तिलहन उत्पादन में अग्रणी है, इसी कारण इसे “भारत का खाद्यान्न भंडार” भी कहा जाता है। वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में घोषित करना कृषि को लाभकारी, टिकाऊ एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है—जलवायु परिवर्तन, घटती भूमि जोत, मृदा क्षरण, जल संकट, बाजार अस्थिरता एवं किसानों की आय में असमानता। समग्र कृषि विकास हेतु बहुआयामी, वैज्ञानिक एवं संस्थागत दृष्टिकोण आवश्यक है।

AnandNamdev 1 week 13 hours ago

मध्यप्रदेश कृषि वर्ष 2026 में कृषि के समग्र विकास के लिए सबसे जरूरी है कि राज्य में पानी, मिट्टी, तकनीक और बाजार—इन चारों पर एक साथ काम किया जाए। सबसे पहले सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है, इसके लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक को बढ़ावा देना चाहिए, साथ ही गाँव-गाँव में तालाब, डबरी और फार्म पॉन्ड बनाकर बारिश के पानी को संग्रहित करना चाहिए। मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए Soil Health Card को नियमित अपडेट किया जाए और किसानों को जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा हरी खाद के उपयोग.