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Inviting ideas and suggestions for Viskit Gwalior @2047 Vision Document
Start Date: 03-01-2025
End Date: 30-01-2025
विकसित ग्वालियर@2047 - विजन डॉक्यूमेंट के लिए अपने सुझाव साझा ...
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BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
निष्कर्ष:
जनजातियाँ भारतीय जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण भाग है। वे कुल जनसंख्या का लगभग 8.6% हैं। भारत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उपर्युक्त उपायों को लागू करके और आदिवासी कल्याण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को बढ़ावा देकर, भारत अपने आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में कार्य कर सकता है।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा:- आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना। स्कूलों और स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों के निर्माण और बुनियादी ढांचे में सुधार से आदिवासी समुदायों की कल्याण और भविष्य की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रोजगार के अवसर:- आदिवासी क्षेत्रों में कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना। इससे शोषणकारी श्रम बाजारों पर निर्भरता कम होगी और स्थायी आजीविका के विकल्प उपलब्ध होंगे।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
पुनर्वास और मुआवजा:- विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी समुदायों का उचित पुनर्वास और मुआवजा देना चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विस्थापित जनजातियों को उचित मुआवजा,पर्याप्त आवास और स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त हों।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
कानूनी संरक्षण:- वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जो आदिवासी समुदायों के उनकी पारंपरिक भूमि पर अधिकारों को मान्यता के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रदान करता है।
समावेशी विकास:- यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास परियोजनाएँ स्थानीय समुदायों की पूर्ण सहमति और भागीदारी के पश्चात् ही प्रारम्भ की जानी चाहिए।परियोजनाओं का उद्देश्य विस्थापन और शोषण के स्थान परजनजातीय आजीविका का उत्थान और उनकी संस्कृति को संरक्षित करना होना चाहिए।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
एकाकी जनजातियों की सुरक्षा:- एकाकी जनजातियों और उनके आवासों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी रखनी चाहिए। उनके जीवन में किसी भी हानिकारक हस्तक्षेप को रोकने के लिए “आँखें रखो, हाथ हटाओ” नीति को सख्ती से लागू करना चाहिए।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
जागरूकता और संवेदनशीलता:- सरकारी अधिकारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और जन समान्य के बीच आदिवासी समुदायों के अधिकारों और मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करना। इन समुदायों के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों के प्रति उन्हें संवेदनशील बनाना।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
भूमि अधिकार:- स्थानीय और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आदिवासी समुदायों के पास उनकी भूमि का स्पष्ट और निर्विवाद स्वामित्व हो। भूमि-हस्तांतरण से सम्बंधित मुद्दों का समाधान करना चाहिए और अवैध भूमि अधिग्रहणों के खिलाफ सख्त कार्रवायी करनी चाहिए।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
सामुदायिक सशक्तिकरण:- आदिवासी समुदायों को उनके जीवन और संसाधनों से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सम्मिलित कर सशक्त बनाना चाहिए। उनकी पारंपरिक शासन प्रणालियों और सांस्कृतिक संस्थानों को पहचान कर,उन्हें सरंक्षित करना चाहिए।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण:- आदिवासी समुदायों की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए उपाय सुनिश्चित करना चाहिए। पारंपरिक प्रथाओं और शिल्पों को प्रोत्साहित करना चाहिए और उनके पवित्र स्थलों एवं सांस्कृतिक स्थानों को सरंक्षित करना चाहिए।
BrahmDevYadav 1 year 1 week ago
जनजातियों की क्या समस्याएं हैं, समाधान हेतु शासन द्वारा क्या प्रयासों किये गए है।
राज्य में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अनुसूचित जनजातियों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये गये है लेकिन ग्वालियर क्षेत्र में निवासित जनजातियां आज भी अत्यन्त पिछड़ी हुई है तथा गरीबी, ऋणग्रस्तता, बधुंआ मजदूरी,अशिक्षा,अंधविश्वास आदि के कुचक्र में बुरी तरह जकड़ी हुई है।उन्हें इससे निकालकर नए रोजगार, सुविधाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शासन द्वारा विशेष प्रयास किया जाना चाहिए।