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Suggest to Prevent Cooperative Fraud and Financial Crime

Start Date: 01-09-2021
End Date: 30-09-2021

वित्तीय धोखाधड़ी एवं अपराध संबंधी परिचर्चा

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वित्तीय धोखाधड़ी एवं अपराध संबंधी परिचर्चा


वित्तीय अपराध एवं धोखाधड़ी के बारे में नागरिकों को जागरूक करें

भारत देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती जा रही ही। पूरे विश्व में भारत एक बड़े बाजार के रूप में स्थापित हो रहा है। तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण से लोगों की जरूरतें बढ़ी हैं, वहीं लेनदेन, निर्माण और अन्य आर्थिक क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी में कई गुना वृद्धि हुई है। सहकारी संस्थाओं, कम्पनियों, चिटफंड कंपनियों, बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं एवं अशासकीय संगठनों आदि से संबंधित धोखाधड़ी, सूदखोरी से संबंधित अपराध बढ़ रहे हैं, इसमें सबसे ज्यादा मध्यम और गरीब वर्ग प्रभावित है जो चिटफंड और सूदखोरों से सबसे ज्यादा परेशान है।

वित्तीय धोखाधड़ी भारतीय कानून के तहत अपराध है, जिसके लिए सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। भारतीय संसद ने वित्तीय अपराधों को रोकने और वित्तीय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धन-शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act, 2002) बनाया गया है।

इस अधिनियम के तहत वित्तीय अपराध करने वाले को तीन साल से सात साल तक की कठोर सजा का प्रावधान है। इसके अलावा आरोपी पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी संपत्ति भी जब्त के साथ कुर्की की भी कार्रवाई की जा सकती है।

अन्य प्रदेशों की तरह मध्य प्रदेश में भी आर्थिक धोखाधड़ी को रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ‘वित्तीय अपराध, को-ऑपरेटिव फ्रॉड, पुलिस मुख्यालय भोपाल’ सजग है।

किसी भी वित्तीय अपराध एवं धोखाधड़ी से पीड़ित नागरिकों को दोषियों को दंडित करवाकर उन्हें न्याय दिलाने में मदद करता है। यदि आपके साथ भी इस तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो आप विभाग से शिकायत कर सकते हैं।

विभाग के साथ-साथ एक नागरिक के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी है कि इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी से हम स्वयं भी सतर्क रहें। इस तरह के वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव हेतु यदि आपके पास कोई भी सुझाव है तो हमसे अवश्य साझा करें। आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।

ऐसी किसी समस्या के लिए आप विभाग से संपर्क कर सकते हैं : 0755-2443022

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Ronit 2 days 17 hours ago

Today in the modtoday digital revolution has brought a new communication in people’s lives. Due to the Internet, now people are able to do important work like their financial needs sitting at home and in less time. In such a situation, the incidents of financial crime have also increased nowadays. In such a situation, today we will know how you can avoid online financial crime.
https://jobalert.in/online-fraud-prevention-chec

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Rohitsingh 2 days 17 hours ago

आजकल इंटरनेट की वजह से लोगों के साथ ऑनलाइन फ्रॉड की घटना बेहद ही बढ़ गई है, और इस वजह से उन्हें वित्तीय नुकसान का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसे में एकमात्र उपाय यही है कि लोगों को जागरूक किया जाए ताकि वह ऑनलाइन वित्तीय अपराध से बच सकें। इस आर्टिकल में ऐसे ही कुछ चीजों की चर्चा की गई है -
https://sarkarialert.net/online-fraud-prevention/

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Prashant Upadhyay 3 days 14 hours ago

Kuch microfinance company logo ko behla fusla kar loan de deti hai fr jb bo log bapas nahi kar pate ya financial prob ki bajha se emi time pe nahi bhar pate too finance company unhe tourture karti hai ya unki mob ki contact list copy kar ke unhe badnaam karti hai jisse ya too samne bala suicide kar leta hai ya badnami ke dar se or karja leta hai ise sudhara jaye

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Dinesh kumar sharma 3 days 16 hours ago

वित्तीय सेवा क्षेत्र (फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर) में साइबर अपराध का खतरा सबसे अधिक है। इसके अलावा बैकिंग सेक्टर भी साइबर अपराधियों की नजर में है, इसमें निशाना इंटरनेट बैंकिंग और ब्रोकरेज सेवाएं हैं। ऑनलाइन बैंक खातों पर फिशिंग अटैक और एटीएम/डेबिट कार्ड की क्लोनिंग की घटनाएं आम हैं। ऑनलाइन बैंकिंग और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए मोबाइल का उपयोग बढ़ने से साइबर अपराध का खतरा और बढ़ गया है

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Dr Usha Shukla 4 days 2 hours ago

वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय प्रयास कार्यक्रम चलाया जाना अधिक अपेक्षित होगा -
*सतर्कता....अर्थात् व्यक्ति घूस न दे।
ऑनलाइन लेन-देन समझदारी से करे।
* संरक्षण .....बैंक/वित्तीय प्रतिष्ठान शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करें।
उपभोक्ता के अतिरिक्त अन्य व्यक्ति भी यदि कोई अनियमितता देखते हैं तो उपभोक्ता की यथासम्भव सहायता करें।
* सख्त-कानून ....वित्तीय प्रावधानों के संबंध में जल्दी फैसला हो।
अपराधी को कठोर अर्थदंड के साथ सजा भी हो।