मध्यप्रदेश सरकार बना रही है 'राज्य युवा नीति, इसे प्रभावी बनाने आप भी दें अपने सुझाव
युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 'राज्य युवा नीति' बनाई जा रही है। इसकी घोषणा 23/24 जुलाई को आयोजित यूथ महापंचायत के दौरान की गई थी। इस नीति का विज़न मध्यप्रदेश के युवाओं को सशक्त करना है ताकि वह अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सकें तथा राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अपना प्रभावी योगदान कर सकें।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस नीति को एक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। आप अपने सुझाव https://mp.mygov.in के साथ साझा कर सकते हैं। आपके सुझाव नीति को व्यवहारिक, समावेशी और प्रभावपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मध्यप्रदेश राज्य युवा नीति के उद्देश्य निम्नानुसार हैं—
1. युवाओं को आत्मविश्वासपूर्ण, नवप्रवर्तनशीन, उद्यमी एवं जोखिम लेने के लिये तैयार करना - Confident, Innovative, Enterprising and not Risk Averse
2. आर्थिक और वित्तीय व्यवस्था एवं संरचना के प्रति जागृत जानकार - Financially aware
3. मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ - Physically and Mentally Healthy
4. पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार - Responsible Towards Environment
5. समावेशी एवं न्यायपूर्ण - Inclusive and Just
6. प्रतिभागिता के भाव से युक्त - Possess Sporting spirit
7. वैज्ञानिक स्वभाव एवं दृष्टिकोण से युक्त - Possess Scientific Temper
8. तथ्यों के आधार पर युक्तियुक्त निर्णय लेने में समर्थ - Informed Decision Makers
9. अपनी संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति आदर भाव से युक्त - Respect for cultural Ethos
10. राष्ट्र निर्माण हेतु प्रतिबद्ध - Nation Builder
11. भविष्य में नेतृत्व प्रदान करने हेतु समर्थ - Leaders of Tomorrow
12. रोजगार हेतु स्वयं को शिक्षा और कौशल प्रदान करने हेतु तैयार - Educate and skill themselves for Employment
इन उद्देश्यों को सार्थक करने हेतु मध्यप्रदेश राज्य युवा नीति के कार्यक्षेत्र निम्नानुसार लिए गए हैं —
• शिक्षा एवं कौशल
• रोज़गार एवं उद्यमिता
• स्वास्थ्य
• युवा नेतृत्व एवं सामाजिक कार्य
• जीवन के लिए खेल
• मेरा प्रदेश, मेरा गौरव – कला, साहित्य, संस्कृति, विरासत और विविधता
• संवहनीय पर्यावरण सुरक्षा हेतु जागरूकता
• समावेशन एवं न्यायसंगतता
विचार और सुझाव साझा करने की अंतिम तिथि 3 जनवरी,2023 है।
आप अपने सुझाव निम्नलिखित क्रम में भेज सकते हैं:-
कार्यक्षेत्र:-
सुझाव:-
टिप्पणी:
मध्यप्रदेश राज्य युवा नीति के संबंध उपरोक्त कार्यक्षेत्रों पर आप अपने सुझाव नीचे comment box में साझा करें।
Dharmendra Singh 3 years 4 months ago
महोदय मैं एक csc vle मैं बच्चो की शिक्षा के लिए प्रधान मंत्री कौशल केंद्र ओपन करना चाहता हूं किन्तु मेरे पास इतने पैसे नही है कि मैं कुछ कर पाऊं आप से निवेदन है कि मेरी सहायता करे मैं आप का जीवन भर आभारी रहूंगा
Prabhat 3 years 4 months ago
व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को विभाग में मर्ज कर नौकरी की सुरक्षा प्रदान करे मध्यप्रदेश शासन शासन से निवेदन है इनमे से कई शिक्षक नौकरी में उम्र की सीमा को पर कर चुके है कृपया उन युवाओं का भी सरकार ध्यान रखे। इन युवाओं ने भी अपना बहुमूल्य समय 7 से 8 साल सरकारी स्कूल के बच्चो को स्किल सीखने में दिए है
Gajendra Singh Yadav 3 years 4 months ago
व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को विभाग में मर्ज कर नौकरी की सुरक्षा प्रदान करे मध्यप्रदेश शासन सभी योग्य युवा कई सालों से कार्यरत है विनम्रता पूर्वक आग्रह है मामाजी आपके भांजे है हम सब पर कृपा करो भगवान आपके उपर भी कृपा बरसाएंगे
Prabhat 3 years 4 months ago
संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग दोनों नोकरियों में युवा अपनी मेहनत से सेलेक्ट होकर राज्य की सेवा करते युवाओं को शिवराज सिंह सरकार एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा देती है। नई शिक्षा नीति में कार्य कर रहे प्रशिक्षित प्रशिक्षकों को शिवराज जी की सरकार बहुत परेशान कर रही है। क्या ये युवा नहीं है। युवाओं के लिए नीति बनानी है। तो पहले स्थाई जॉब सुरक्षा दी जाये। आखिर एक युवा कितनी बार परीक्षा देगा। परीक्षा की तैयारी का भी एक टाइम होता है।आप सेलेक्ट किये युवाओं को एक दिन घर का रास्ता दिखा देते हो।
HemrajAhirwar 3 years 4 months ago
bhart me sarve karni chahiye or pata karna chahiye ki yuvakis phild me Jana chahata hai or sarkarda ko pir use usi phild me age badne ke liye kuch kare
raghavendra tripathi 3 years 4 months ago
सभी रोजगार मूलक योजनाओं के लिए सीधे विभागों को आबंटन उपलब्ध कराया जाय जिससे समय पर रोजगार युवाओं को मिल सके।इसके लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में सेंक्शन समिति बनाया जाकर विभागीय पर्यवेक्षक,निरीक्षक बनाया जाकर समय समय पर मॉनिटरिंग किया जाय।कुछ व्यवसाय में प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है जिसके लिए उद्योग विभाग या अन्य किसी एजेंसी से ट्रैनिंग दिलाया जाकर रोजगार व्यवसाय स्थापित किया जा सके।भले ही प्रत्येक वर्ष टारगेट काम हो इसमें बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे और समय पर लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
yogendra singh jadon 3 years 4 months ago
मध्यप्रदेश के युवाओं में हुनर ओर स्किल की कोई कमी नहीं है। लेकिन सरकार को कुछ कह दो तो वो युवाओं की सुनने को भी तैयार नहीं है। यदि आपसे कहा जाए युवाओं को स्थायी जॉब सुरक्षा नीति चाहिए तो आप क्या हमारी सुनेंगे। या फलाना ओर ढिमका बोलते रहेंगे। युवा पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर आस्वस्त हो तब वो आगे की कुछ सोच पाये। यदि युवा अपनी दम पर कुछ हासिल भी करें तो आपकी सरकार उनके विरुद्ध कोर्ट में भी लड़ने को तैयार हो। युवाओं से आप कोर्ट में लड़ रहे हो । आपको चाहिए कि आप युवाओं का भविष्य बनाये। नाकि उनको बाहर करे
yogendra singh jadon 3 years 4 months ago
संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग दोनों नोकरियों में युवा अपनी मेहनत से सेलेक्ट होकर राज्य की सेवा करते युवाओं को शिवराज सिंह सरकार एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा देती है। नई शिक्षा नीति में कार्य कर रहे प्रशिक्षित प्रशिक्षकों को शिवराज जी की सरकार बहुत परेशान कर रही है। क्या ये युवा नहीं है। युवाओं के लिए नीति बनानी है। तो पहले स्थाई जॉब सुरक्षा दी जाये। आखिर एक युवा कितनी बार परीक्षा देगा। परीक्षा की तैयारी का भी एक टाइम होता है।आप सेलेक्ट किये युवाओं को एक दिन घर का रास्ता दिखा देते हो।
PraveshDave 3 years 4 months ago
माननीय मुख्यमंत्री जी (म.प्र शासन)
प्रिय मामा में प्रवेश दवे जबलपुर (म.प्र)से हु,जबलपुर में ही निवास करता हु|मेरे विचार से युवाओ को स्वरोजगार गारंटी में बैंक से लोन की सहायता में और सरल मार्ग करने होगे,सरकार के विभिन्न विभागों में अनुमोदन की प्रक्रिया सरल एवं निर्मित माल की खपत की गारंटी सर्कार को उपलब्ध करानी चाहिए जिससे की लोन सहयता एन.पी.ए ना हो,वायपर सकुशल चलता रहे और लोगो को भी रोजगार मिलता रहे,सबसे बढ़ी चिंता व्यापर की यही रहती है की निर्मित माल की खपत सही समय पर प्रचुर मात्रा में हो सके|
Rakesh kumar 3 years 4 months ago
Siksha संस्कार संस्कृति और सेहत युवाओ के लिये बहुत जरूरी है ये चार नीति युवाओ को आगे ले जाने में बहुत मदद करने वाली हैं